ताजा खबरें | नौचालन के लिए सामुद्रिक सहायता विधेयक को संसद से मिली मंजूरी
Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. संसद ने मंगलवार को उस विधेयक को मंजूरी प्रदान कर दी जो कानून बनने के बाद प्रकाश स्तंभों को नियंत्रित करने वाले नौ दशक से अधिक पुराने कानून की जगह लेगा तथा अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी को अपनाने के लिए एक वैध ढांचा प्रदान करेगा।
नयी दिल्ली, 27 जुलाई संसद ने मंगलवार को उस विधेयक को मंजूरी प्रदान कर दी जो कानून बनने के बाद प्रकाश स्तंभों को नियंत्रित करने वाले नौ दशक से अधिक पुराने कानून की जगह लेगा तथा अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी को अपनाने के लिए एक वैध ढांचा प्रदान करेगा।
राज्यसभा ने मंगलवार को विभिन्न मुद्दों को लेकर विपक्ष के भारी हंगामे के बीच नौचालन के लिए सामुद्रिक सहायता विधेयक, 2021 को ध्वनिमत से मंजूरी प्रदान कर दी। उस समय सदन में पेगासस जासूसी मामला, तीन कृषि कानूनों सहित विभिन्न मुद्दों को लेकर विपक्षी दलों के कई सदस्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे।
लोकसभा इस विधेयक को पहले ही पारित कर चुकी है।
उच्च सदन में विधेयक को पारित किए जाने के दौरान कुछ सदस्यों ने इस पर मत-विभाजन कराने की मांग की। इस पर उपसभापति हरिवंश ने आसन के समीप आकर नारेबाजी कर रहे सदस्यों से पहले अपनी सीट पर जाने को कहा। उन्होंने कहा कि इसके बाद ही मत विभाजन करा पाना संभव हो पाएगा।
पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने मौजूदा सत्र के पहले ही दिन यह विधेयक चर्चा एवं पारित कराने के लिए सदन में पेश किया था। सोनोवाल के अनुसार इस विधेयक में नौवहन क्षेत्र के विकास के लिए कई प्रावधान किए गये हैं। उन्होंने कहा कि पुराने लाइट हाउस कानून में सहायता के समुचित प्रावधान नहीं थे जिन्हें वर्तमान विधेयक में शामिल किया गया है।
चर्चा का जवाब देते हुए सोनावाल ने कहा कि यह विधेयक अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी को अपनाने के लिए एक वैध ढांचा प्रदान करेगा और विश्व की सर्वश्रेष्ठ कार्यप्रणाली के लिए आवश्यक जरूरतों की पूर्ति करेगा। इससे नौचालन का क्षेत्र सुरक्षित भी होगा।
उन्होंने कहा कि यह विधेयक आजादी से पहले के काल के 90 से भी ज्यादा साल पुराने कानूनों को समाप्त करेगा। इससे समुद्री नौचालन क्षेत्र में विकास की संभावनाओं के नए द्वार खुलेंगे और इस क्षेत्र को विश्व स्तरीय प्रौद्योगकी मिल सकेगी।
विधेयक पर हुयी संक्षिप्त चर्चा में विभिन्न दलों ने नौवहन के क्षेत्र के बेहतर प्रबंधन के लिए कानून सहित विभिन्न उपाय किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया तथा लाइट हाउस का उपयोग कर पर्यटन को बढ़ावा देने की पहल का स्वागत किया।
इस विधेयक में समुद्री नौवहन के क्षेत्र में प्रौद्योगिकी बदलाव को ध्यान में रखते हुए पोत यातायात सेवाओं के लिये नया ढांचा तैयार करने एवं उनका प्रबंधन सुगम बनाने का प्रस्ताव किया गया है।
विधेयक के उद्देश्य एवं कारणों में कहा गया है कि समय-समय पर सामुद्रिक क्षेत्र में कई परिवर्तन हुए हैं और नौचालन के लिये सामुद्रिक सहायता के क्षेत्र में प्रौद्योगिकी का काफी विकास हुआ है। इसमें जलयान यातायात सेवा और नौचालन सहायता का विविधीकरण शामिल है जिसके अंतर्गत प्रकाश स्तम्भ और प्रकाश पोतों से भिन्न तकनीकी सहायता शामिल है। इसमें कहा गया है कि नौचालन के लिये सामुद्रिक सहायता की भूमिका ‘रेडियो और डिजिटल’ आधारित हो गई है।
अविनाश ब्रजेन्द्र
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