देश की खबरें | मनीष सिसोदिया ने प्रधानमंत्री से प्रदर्शनकारी महिला पहलवनों के लिए इंसाफ सुनिश्चित करने की अपील की
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. तिहाड़ जेल में बंद दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने शनिवार को एक नोट में कहा कि जंतर मंतर पर पहलवानों के प्रदर्शन को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘चुप्पी’ से वह हैरान हैं। उन्होंने उनपर पहलवानों के साथ ऐसा बर्ताव करने का आरोप लगाया जैसे कि वे ‘पाकिस्तान से हों।’
नयी दिल्ली, 27 मई तिहाड़ जेल में बंद दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने शनिवार को एक नोट में कहा कि जंतर मंतर पर पहलवानों के प्रदर्शन को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘चुप्पी’ से वह हैरान हैं। उन्होंने उनपर पहलवानों के साथ ऐसा बर्ताव करने का आरोप लगाया जैसे कि वे ‘पाकिस्तान से हों।’
आम आदमी पार्टी (आप) सरकार की मंत्री आतिशी ने अपने ट्विटर हैंडल पर सिसोदिया का नोट साझा किया है। उसमें सिसोदिया ने प्रधानमंत्री से भाजपा सांसद और भारतीय पहलवान संघ के प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली पहलवानों के लिए इंसाफ सुनिश्चित करने की अपील की है।
पत्र में पूर्व उपमुख्यमंत्री ने कहा है, ‘‘ जो बात मुझे बहुत हैरान करती है वह भाजपा , केंद्र सरकार और यहां तक स्वयं प्रधानमंत्री की गहरी चुप्पी है, मानो ये महिलाएं पाकिस्तान से हों।’’
उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय के दखल के बाद ही आखिरकार इस मामले में प्राथमिकियां दर्ज की गयीं।
ओलंपिक पदक विजेता बजरंग पूनिया, साक्षी मलिक एवं विनेश फोगाट समेत शीर्ष पहलवान एक नाबालिग समेत सात महिला पहलवानों का कथित रूप से ‘यौन उत्पीड़न’ करने को लेकर बृजभूषण शरण सिंह की गिरफ्तारी की मांग करते हुए 23 अप्रैल से जंतर मंतर पर धरने पर बैठे हुए हैं।
सिसोदिया ने कहा, ‘‘ वह पल याद होगा जब ये पहलवान पदक जीतकर भारत आयी थीं, तब प्रधानमंत्री इन महिला पहलवानों के साथ फोटो खिंचवाते एवं वीडियो बनवाते थकते नहीं थे।’’
उन्होंने कहा कि उन्हें आश्चर्य है कि कहीं इसलिए सिंह के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाएगी क्योंकि उनका संबंध सत्तारूढ़ दल से है।
पत्र में उन्होंने कहा, ‘‘ यदि आप चाहें तो आप अपने विरोधियों को भले ही जेल में भेजते रहें, उनका उत्पीड़न करें, उन्हें फांसी पर चढ़ा दें, लेकिन मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि कम से कम इन बेटियों को न्याय दिलाएं जिन्होंने भारत का मस्तक ऊंचा उठाया है।’’
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