देश की खबरें | मणिपुर के भाजपा मामलों के पार्टी प्रभारी संबित पात्रा ने पार्टी विधायकों के साथ बैठक की
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के इस्तीफा देने के एक दिन बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश मामलों के प्रभारी संबित पात्रा ने आगे की रणनीति तय करने के लिए सोमवार को यहां एक होटल में कुछ भाजपा विधायकों के साथ बंद कमरे में बैठक की। पार्टी सूत्रों ने यह जानकारी दी।
इंफाल, 10 फरवरी मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के इस्तीफा देने के एक दिन बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश मामलों के प्रभारी संबित पात्रा ने आगे की रणनीति तय करने के लिए सोमवार को यहां एक होटल में कुछ भाजपा विधायकों के साथ बंद कमरे में बैठक की। पार्टी सूत्रों ने यह जानकारी दी।
सूत्रों के अनुसार, पात्रा ने विधानसभा अध्यक्ष थोकचोम सत्यब्रत, नगरपालिका प्रशासन आवास विकास मंत्री वाई खेमचंद, शिक्षा मंत्री थौनाओजम बसंत कुमार सिंह और भाजपा विधायक टी. राधेश्याम के साथ बैठक की। इनमें से तीन सिंह के साथ अपने तनावपूर्ण संबंधों के लिए जाने जाते हैं।
सूत्रों का कहना है कि भाजपा विधायकों के अगले 48 घंटों में राज्य में या अन्यत्र और बैठकें करने की उम्मीद है।
इस बीच, राज्य की राजधानी खासकर संजेनथोंग, सिंगजामेई, मोइरांगखोम, कीसंपत और कांगला गेट जैसे संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के. मेघचंद्रा ने सिंह के इस्तीफे का स्वागत किया लेकिन राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने के किसी भी कदम का विरोध किया।
मेघचंद्रा ने पत्रकारों से कहा, ‘‘कांग्रेस नया नेता और नयी सरकार चाहती है। हम राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की किसी भी योजना का विरोध करते हैं क्योंकि केंद्र सरकार को जनादेश का सम्मान करना चाहिए।’’
उन्होंने कहा, ‘‘सिंह को पता था कि विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव में उनकी हार होगी। उन्हें बहुत पहले ही इस्तीफा दे देना चाहिए था। यह उनकी प्रशासनिक विफलता है, जिसने राज्य को संकट में धकेल दिया है।’’
सोमवार से शुरू होने वाला राज्य विधानसभा का बजट सत्र रविवार रात सिंह के इस्तीफे के बाद रद्द कर दिया गया। विपक्ष ने सत्र के दौरान सिंह के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की योजना बनाई थी।
नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) ने भी सिंह के इस्तीफे का स्वागत किया और राज्य में शांति एवं सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए भाजपा के साथ सहयोग करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
एनपीपी विधायक दल के नेता शेख नूरुल हसन ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमने सिंह सरकार से समर्थन वापस ले लिया था, क्योंकि राज्य में शांति और स्थिरता बहाल करने में उनकी विफलता के कारण हमें उनके नेतृत्व पर हमारा भरोसा नहीं रहा था। उनका इस्तीफा उस लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में एक स्वागत योग्य कदम है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘केंद्र में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के हिस्से के रूप में, हम आने वाले दिनों में राज्य को पूरी तरह से सामान्य स्थिति में लाने के लिए भाजपा के साथ सहयोग और काम करना जारी रखेंगे।’’
मणिपुर की 60 सदस्यीय विधानसभा में सात विधायकों वाली एनपीपी ने पिछले साल नवंबर में बीरेन सिंह सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया था।
सिंह के इस्तीफे पर कुकी छात्र एम थेंगिनमांग हाओकिप ने कहा कि यह कदम बहुत पहले उठाया जाना चाहिए था।
उन्होंने कहा, ‘‘सिंह प्रस्तावित अविश्वास प्रस्ताव से डरे हुए थे। मणिपुर सरकार का गिरना तय था। अगला कदम या तो पुनः चुनाव होगा या फिर राष्ट्रपति शासन।’’
राज्य में नेतृत्व परिवर्तन की मांग को लेकर भाजपा में मची खींचतान के बीच सिंह ने रविवार को राजभवन में राज्यपाल अजय कुमार भल्ला को अपना इस्तीफा सौंप दिया था।
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