तिरुवनंतपुरम, 20 जुलाई केरल में सत्तारूढ़ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के विधायक एम. एम. मणि ने बुधवार को कहा कि वह विपक्षी यूडीएफ की महिला विधायक के. के. रेमा के खिलाफ की गई अपनी विवादास्पद टिप्पणी को वापस ले रहे हैं।
उनकी इस टिप्पणी को लेकर पिछले सप्ताह राज्य में राजनीतिक विवाद पैदा हो गया था।
वरिष्ठ माकपा नेता ने विधानसभाध्यक्ष एम. बी. राजेश द्वारा व्यवस्था दिए जाने के बाद अपनी टिप्पणी वापस ली। राजेश ने उनके बयान की निंदा करते हुए कहा कि यह एक "गलत विचारधारा" को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि भले ही सदन में सदस्यों ने असंसदीय शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया लेकिन कुछ टिप्पणियां "अनुचित" और "अस्वीकार्य" हो सकती हैं।
राजेश ने कहा कि मणि का बयान प्रगतिशील मूल्यों के अनुकूल नहीं था। उन्होंने सदस्यों से सदन की गरिमा को बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि सदन की प्रक्रिया है कि अध्यक्ष असंसदीय टिप्पणी को कार्यवाही से हटा दें, वहीं, अन्य मामलों में सदस्यों को खुद ही ऐसी किसी भी टिप्पणी को वापस लेना चाहिए।
उन्होंने कहा, "मुझे उम्मीद है कि आसन की टिप्पणियों के आधार पर एम. एम. मणि अपना अनुचित बयान वापस ले लेंगे।"
इसके बाद मणि ने अपनी टिप्पणी वापस लेते हुए एक संक्षिप्त बयान पढ़ा। पूर्व मंत्री मणि ने विधानसभा में कहा कि उनका इरादा किसी का अपमान करने का नहीं था और उन्होंने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि वह अपनी टिप्पणियों के माध्यम से वास्तव में क्या बताने की कोशिश कर रहे थे।
उन्होंने सदन में कहा, "एक कम्युनिस्ट व्यक्ति के रूप में, मुझे अपने भाषण में विधि के विधान (भाग्य) का उल्लेख नहीं करना चाहिए था। मैं इस टिप्पणी को वापस लेता हूं।"
मणि ने पिछले हफ्ते सदन में एक चर्चा के दौरान रेमा की ओर इशारा करते हुए टिप्पणी की थी। रेमा के पति और माकपा के विद्रोही नेता टी. पी. चंद्रशेखरन की मई, 2012 में हत्या कर दी गई थी।
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