जरुरी जानकारी | नगर निगम बांड जारीकर्ता को दस्तावेज में कर्ज, राजस्व अनुदान की जानकारी देना अनिवार्य: सेबी

नयी दिल्ली, 31 जुलाई बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने कहा कि नगर निगम ऋण प्रतिभूति जारी करने वालों के लिये पेशकश दस्तावेज में उनके द्वारा पिछले तीन साल के दौरान लिये गये सभी कर्ज तथा राजस्व अनुदानों की जानकारियां देना अनिवार्य है।

सेबी ने यह निर्देश तब जारी किया है, जब कई बाजार भागीदारों ने नगर निगम बॉंड से संबंधित संशोधित नियमन के कुछ प्रावधानों की व्याख्या को लेकर मार्गदर्शन की मांग की थी।

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सेबी ने कहा कि जारी करने वालों को तीन वर्षों के दौरान सभी उधारी के ब्योरे के साथ-साथ उधारी की बकाया राशि का भी खुलासा करना होगा, जिसके लिए ऑडिट की गयी वित्तीय जानकारी को पेशकश दस्तावेज में शामिल किया जा रहा है।

इसके अलावा, पेशकश दस्तावेज में पिछले तीन वर्षों के दौरान प्राप्त राजस्व अनुदानों और व्यय का भी ब्यौरा देना होगा। यह जानकारी भी प्रदान करने की जरुरत होगी कि किन अनुदानों को वापस किया जाना है।

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सेबी ने अलग से यह भी स्पष्ट किया कि भौतिक रूप में प्रतिभूतियों को रखने वाले शेयरधारकों को खुले प्रस्तावों में शेयर खरीदने, निविदा प्रस्ताव के माध्यम से पुनर्खरीद और सूचीबद्धता समाप्त करने के स्वैच्छिक या अनिवार्य मामलों में निकासी की अनुमति दी जाती है।

सेबी ने निवेशकों से प्राप्त आपत्तियों के बाद यह स्पष्टीकरण जारी किया है।

सेबी ने शुक्रवार को ही एक आदेश में एसवीसी रिसॉर्सेज और 17 अन्य निकायों पर 57.2 लाख रुपये का कुल जुर्माना लगा दिया। सेबी ने यह कार्रवाई कंपनी के शेयरों के अधिग्रहण और बिक्री के संबंध में खुलासे में चूक करने को लेकर की है।

सेबी ने यह कहा कि इन निकायों ने भेदिया कारोबार पर रोक (पीआईटी) तथा शेयरों की पर्याप्त मात्रा का अधिग्रहण (एसएएसटी) प्रावधानों का उल्लंघन किया है।

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