नयी दिल्ली, 18 मई राष्ट्रीय राजधानी की एक अदालत ने शनिवार को कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) की राज्यसभा सदस्य स्वाति मालीवाल पर हमला करने के आरोपी एवं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सहयोगी बिभव कुमार की अग्रिम जमानत अर्जी निरर्थक हो गई है क्योंकि उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है।
सिविल लाइंस पुलिस थाने में कुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने के दो दिन बाद उन्हें शनिवार को गिरफ्तार किया गया।
तीस हजारी अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुशील अनुज त्यागी ने अग्रिम जमानत अर्जी पर आदेश सुनाते हुए कहा कि अतिरिक्त लोक अभियोजक अतुल कुमार श्रीवास्तव शाम चार बजकर 45 मिनट पर वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से अदालत में पेश हुए और सूचित किया कि कुमार को मामले में पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
न्यायाधीश ने कहा कि राज्य के अतिरिक्त लोक अभियोजक ने कहा कि याचिकाकर्ता को शाम चार बजकर 15 मिनट पर गिरफ्तार किया गया था। ऐसे में अग्रिम जमानत अर्जी निरर्थक हो गई है।
अपनी गिरफ्तारी से कुछ घंटे पहले, कुमार ने अपनी अग्रिम जमानत याचिका पर तत्काल सुनवाई के लिए आवेदन किया था, जिसे प्रमुख जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने अनुमति दे दी थी और मामले को न्यायाधीश त्यागी को भेज दिया गया था।
अपराह्न तीन बजकर 55 मिनट से शाम चार बजकर 40 मिनट तक अतिरिक्त लोक अभियोजक ए.बी. अस्थाना और कुमार के वकील की दलीलें सुनने के बाद, न्यायाधीश ने कहा, ‘‘इस समय, लगभग चार बजकर 45 मिनट पर, अतिरिक्त लोक अभियोजक अतुल श्रीवास्तव वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से पेश हुए और अदालत को सूचित किया कि आवेदक को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।’’
उन्होंने कहा कि ऐसे में अर्जी निरर्थक हो गई है।
अतिरिक्त लोक अभियोजक की दलील पर आपत्ति जताते हुए कुमार के वकील राजीव मोहन ने दावा किया कि उन्हें गिरफ्तारी के बारे में सूचित नहीं किया गया है।
न्यायाधीश ने श्रीवास्तव की दलीलों पर गौर किया कि कुमार की पत्नी को उनकी गिरफ्तारी के बारे में विधिवत सूचित किया गया है।
अदालत ने कहा, ‘‘चूंकि, उन्हें (कुमार) को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है, इसलिए वर्तमान अर्जी के निरर्थक होने के कारण इसका निपटारा किया जाता है।’’
इससे पहले दिन में, अदालत ने शनिवार को उसके समक्ष दायर अग्रिम जमानत अर्जी पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था।
कुमार पर 13 मई को केजरीवाल के आवास पर मालीवाल के साथ मारपीट करने का आरोप है।
इससे पहले दिन में, कुमार की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता एन. हरिहरन ने दलील दी थी कि उनके मुवक्किल को राजनीतिक दिग्गजों के बीच की लड़ाई में ‘‘घसीटा’’ जा रहा है, जिसके बाद अदालत ने याचिका पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था।
मालीवाल के आरोपों का जवाब देते हुए वरिष्ठ वकील ने कहा कि कुमार के पास उनके साथ दुर्व्यवहार करने का कोई कारण नहीं था और सीसीटीवी फुटेज से उनके आरोपों का खंडन हो गया है।
अदालत में कुछ वीडियो क्लिप चलाते हुए कुमार के वकील ने कहा कि मालीवाल को ‘‘आराम से’’ बैठे देखा जा सकता है और वह बिना समय लिए मुख्यमंत्री केजरीवाल के आवास पर पहुंची थीं।
सीसीटीवी फुटेज वाली एक पेन ड्राइव भी न्यायाधीश को सौंपी गई।
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