देश की खबरें | महाराष्ट्र ने बैलगाड़ी दौड़ के आयोजकों के खिलाफ मामले वापस लेने का प्रस्ताव जारी किया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. महाराष्ट्र सरकार ने एक प्रस्ताव जारी कर बैलगाड़ी दौड़ आयोजित करने वाले लोगों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने की सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
मुंबई, 19 अप्रैल महाराष्ट्र सरकार ने एक प्रस्ताव जारी कर बैलगाड़ी दौड़ आयोजित करने वाले लोगों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने की सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
उच्चतम न्यायालय ने पिछले साल दिसंबर में महाराष्ट्र में बैलगाड़ी दौड़ को फिर से शुरू करने की अनुमति दी थी, जो 2017 से राज्य में प्रतिबंधित थी।
राज्य सरकार ने 13 अप्रैल के एक प्रस्ताव में कहा है कि अगर इस तरह की घटना में जीवन की कोई हानि नहीं हुई और निजी तथा सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान 5 लाख रुपये से अधिक नहीं होने के नियम और शर्तों को पूरा करने की स्थिति में मामले वापस लिए जाने चाहिए।
उच्चतम न्यायालय के एक निर्देश का हवाला देते हुए सरकार ने कहा है कि जिन मामलों में मौजूदा और पूर्व सांसदों, विधायकों के नाम (बैलगाड़ी दौड़ की अनुमति को लेकर विरोध प्रदर्शन करने के संबंध में) थे, उन्हें उच्च न्यायालय की मंजूरी के बिना वापस नहीं लिया जाना चाहिए।
इसके अलावा यह भी कहा गया है कि यदि संबंधित पुलिस आयुक्त और जिलाधिकारी (जोनल स्तर पर) के तहत गठित समिति को यह पता चलता है कि मौजूदा और पूर्व सांसदों, विधायकों के खिलाफ मामले वापस लेना उचित है, तो समिति को उच्च न्यायालय से ऐसा अनुरोध करना चाहिए।
सरकार ने कहा कि समिति को उन मामलों की समीक्षा करनी चाहिए जिनमें आरोप पत्र दायर किया गया था, लेकिन कोई जान का नुकसान नहीं हुआ था और निजी या सार्वजनिक संपत्ति को 5 लाख रुपये से अधिक का नुकसान नहीं हुआ था। निर्धारित मापदंडों के अनुसार ऐसे मामलों में कदम उठाने को कहा गया है।
प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि यदि एक से अधिक व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, तो सार्वजनिक संपत्ति को हुए नुकसान की राशि समान रूप से या आम सहमति के अनुसार वसूल की जानी चाहिए।
महाराष्ट्र के गृह मंत्री दिलीप वलसे पाटिल ने पिछले महीने कहा था कि बैलगाड़ी दौड़ के आयोजकों के खिलाफ दर्ज मामले वापस ले लिए जाएंगे।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)