देश की खबरें | जादूगर गहलोत इस राजनीतिक तूफान से भी निकल जायेंगे : गहलोत के पुराने मित्र जादूगर निगम
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

भोपाल, 24 जुलाई राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पुराने मित्र जादूगर एस के निगम का मानना है कि गहलोत का पहला प्यार जादू है, और निश्चित रूप से उनके पास कुछ ऐसी आश्चर्यजनक चालें जरूर होंगी जिनसे वह अपनी सरकार पर मंडराते खतरे को दूर कर सकते हैं।

राजस्थान के मुख्यमंत्री और दिग्गज कांग्रेसी नेता अशोक गहलोत फिलहाल अपनी ही पार्टी के नेता सचिन पायलट के साथ अंतर्कलह में उलझे हुए हैं। कम ही लोग जानते होंगे कि गहलोत कभी अपने पिता प्रसिद्ध जादूगर लक्ष्मण सिंह गहलोत के साथ जादू के मंच पर सहयोग किया करते थे।

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मध्यप्रदेश के जबलपुर जिले के रहने वाले 73 वर्षीय निगम ने कहा, ‘‘मैंने अशोक गहलोत को जादू के कुछ गुर सिखाए और बदले में उनसे कुछ शानदार गुर और तरकीबें सीखी हैं। मुझे उम्मीद है कि वह इस राजनीतिक तूफान से बाहर निकल जायेंगे।’’

उन्होंने कहा, ‘‘वर्ष 1980 में जब मैं दिल्ली में गहलोत से मिलते जाता था , तब वह केन्द्र सरकार में राज्य मंत्री थे। वह मुझे जादू के एक या दो गुर सिखाते थे और मुझसे भी बहुत कुछ सीखते थे। राजनीति में शामिल होने से पहले वह अक्सर अपने पिता प्रसिद्ध जादूगर लक्ष्मण सिंह गहलोत के साथ रहते थे। मैं अक्सर उनके जादू के शो देखने के लिये राजस्थान जाता था।’’

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निगम ने कहा ‘‘राजनीति में आने के बाद भी अशोक गहलोत ने अपने पहले प्यार जादू में दिलचस्पी बनाए रखी। जब मैंने उन्हें अखिल भारतीय महिला जादू प्रतियोगिता के लिये सितम्बर 1983 में जबलपुर आमंत्रित किया था, तब वह बहुत प्रसन्न हुए थे। उस वक्त वह विमानन विभाग में केन्द्रीय राज्य मंत्री थे।’’

‘‘सोनिया, ए बायोग्राफी’’ पुस्तक के लेखक पत्रकार रशीद किदवई ने कहा कि यदि कांग्रेस के अंदरखाने की बात मानें तो अशोक गहलोत, युवा राहुल और प्रियंका को उनकी दादी और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की मौजूदगी में जादू के करतब दिखाते थे।

किदवई ने कहा कि जब गहलोत के पिता जादू के शो के सिलसिले में देश भर में घूमते थे तो युवा अशोक उनके सहायक के तौर पर उनके साथ होते थे और मंच पर खुद भी करतब दिखाते थे।

किदवई के अनुसार, गहलोत ने एक बार कहा भी था कि यदि उन्होंने इंदिरा गांधी के कहने पर राजनीति में प्रवेश नहीं किया होता तो वह एक जादूगर और एक सामाजिक कार्यकर्ता होते।

किदवई ने कहा कि यह देखना होगा कि जो प्रभाव उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व पर डाला है वह उनके विरोधियों के खिलाफ कैसे काम करता है।

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