देश की खबरें | योगी सरकार में माफिया माफी मांगता फ‍िर रहा : मोदी

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कुशीनगर में सिलसिलेवार तीन कार्यक्रमों के जरिये अगले वर्ष की शुरुआत में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पक्ष में माहौल बनाते हुए समाजवादी पार्टी (सपा) पर जमकर प्रहार किया और कहा कि पूर्ववर्ती सरकार की नीति माफिया को ‘‘खुली छूट और खुली लूट’’ की थीं, लेकिन आज योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यहां माफिया माफी मांगता फ‍िर रहा है।

कुशीनगर (उप्र) , 20 अक्टूबर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कुशीनगर में सिलसिलेवार तीन कार्यक्रमों के जरिये अगले वर्ष की शुरुआत में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पक्ष में माहौल बनाते हुए समाजवादी पार्टी (सपा) पर जमकर प्रहार किया और कहा कि पूर्ववर्ती सरकार की नीति माफिया को ‘‘खुली छूट और खुली लूट’’ की थीं, लेकिन आज योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यहां माफिया माफी मांगता फ‍िर रहा है।

मोदी ने बुधवार को यहां 260 करोड़ रुपये की लागत से बने अंतरराष्ट्रीय विमानतल का उद्घाटन किया। इसके बाद उन्होंने बौद्ध धर्म के प्रवर्तक गौतम बुद्ध की निर्वाण स्थली कुशीनगर में 'अभिधम्म दिवस' पर आयोजित कॉन्क्लेव का उद्घाटन किया और फिर बरवा फार्म में राजकीय मेडिकल कॉलेज कुशीनगर एवं 12 अन्य परियोजनाओं का शिलान्यास तथा लोकार्पण करने के बाद एक जनसभा को संबोधित किया।

प्रधानमंत्री ने बरवा फार्म की जनसभा में भोजपुरी बोली में अपने भाषण की शुरुआत करते हुए क्षेत्रीय जनता का अभिवादन किया। मोदी ने कहा, ''डॉक्टर राममनोहर लोहिया कहा करते थे कि कर्म को करुणा से जोड़ो, लेकिन जो पहले की सरकार (पूर्ववर्ती सपा सरकार) चला रहे थे उनको गरीब के दर्द की परवाह नहीं थी, पहले की सरकार ने अपने को घोटालों और माफियाओं से जोड़ा।''

उन्होंने कहा, ''यूपी के लोग अच्छी तरह जानते हैं कि उनकी (सपा नेताओं) पहचान समाजवादियों की नहीं, परिवारवादियों की बन गई।''

मोदी ने अन्य किसी विपक्षी दल का नाम नहीं लिया लेकिन पूर्ववर्ती सरकार (सपा) पर ही ज्यादा हमलावर दिखे।

प्रधानमंत्री ने कहा, ''साढ़े चार वर्ष के शासन में उप्र में कानून का राज स्थापित हुआ है। पूर्ववर्ती सरकार की नीति माफिया को खुली छूट और खुली लूट की थी लेकिन आज योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यहां माफिया माफी मांगता फ‍िर रहा है। योगी (मुख्‍यमंत्री) के कदमों का सबसे ज्यादा दुख माफ‍ियावादियों को हो रहा है। यह सरकार भूमाफिया की संपत्ति को ध्वस्त कर रही है जो गरीबों की संपत्ति पर बुरी नजर रखते थे।''

मोदी ने आगामी चुनाव के लिए खुलकर कोई अपील नहीं की लेकिन पूर्ववर्ती सपा सरकार पर हमला कर मौजूदा सरकार की सराहना करते हुए इशारों में अपनी मंशा साफ कर दी। उन्होंने कहा, ''आने वाला समय (2022 का विधानसभा चुनाव) उत्तर प्रदेश की आकांक्षाओं की पूर्ति का समय है। यहां पांच माह की योजना नहीं बनती, बल्कि आने वाले 25 वर्षों की बुनियाद रखकर उत्तर प्रदेश को आगे ले जाना है और यूपी तथा कुशीनगर के आशीर्वाद से ही यह संभव है।''

उन्होंने तुलसीदास रचित चौपाई ''जहां सुमति तहां संपति नाना, जहां कुमति वहां बिपति निधाना'' सुनाई और इसके जरिए एकजुट होने का आह्वान किया।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव से पहले नवंबर 2016 में मोदी ने कुशीनगर में एक सभा को संबोधित किया था और उस समय भी उन्होंने तत्कालीन समाजवादी पार्टी की सरकार को ही निशाना बनाकर विकास और बेहतर कानून-व्यवस्था की उम्मीद जगाई थी। बुधवार को भी अपने संबोधन में मोदी अपनी करीब पांच वर्ष पुरानी उसी अवधारणा को आधार देते दिखे।

उन्होंने कहा, ''एक समय उत्तर प्रदेश देश के हर बड़े अभियान में चुनौती था लेकिन आज यह हर मिशन में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। उत्तर प्रदेश में कर्मयोगियों की सरकार बनाने का सबसे ज्यादा लाभ माताओं-बहनों को हुआ।''

मोदी ने घर के मालिकाना हक से लेकर उज्‍ज्‍वला योजना समेत महिलाओं को लाभ देने वाली योजनाओं को गिनाया। उन्होंने राज्य में "डबल इंजन" सरकार के फायदे बताते हुए कहा, "कुपोषण के खिलाफ लड़ाई, जिसे हम अगले चरण में ले जा रहे हैं, इसमें यूपी की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होने वाली है।" उन्होंने कहा कि यूपी में ‘‘डबल इंजन’’ सरकार के चलते राज्य में अब तक किसानों के बैंक खातों में 80,000 करोड़ रुपये से अधिक धनराशि स्थानांतरित की जा चुकी है।

मोदी ने अपराधियों और भूमि हथियाने वालों से सख्ती से निपटने तथा अब तक 12 करोड़ से अधिक लोगों के टीकाकरण के लिए योगी आदित्यनाथ सरकार की प्रशंसा की।

उल्लेखनीय है कि 2017 में कुशीनगर की सात विधानसभा सीटों में पांच सीटों पर भाजपा और एक पर उसकी सहयोगी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (अब भाजपा से गठबंधन टूट गया) को जीत मिली थी जबकि एक सीट कांग्रेस की उप्र इकाई के अध्यक्ष अजय कुमार लल्‍लू ने जीती थी। 2017 के विधानसभा चुनाव में उप्र की 403 सीटों में भाजपा को 312 और सहयोगी दलों को 13 सीट मिली थीं तथा इसमें पूर्वी उत्तर प्रदेश का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

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