देश की खबरें | लोकसभा सचिवालय ने संसदीय समितियों की बैठकों के लिए दिशानिर्देश जारी किये
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नयी दिल्ली, तीन जुलाई लोकसभा सचिवालय ने शुक्रवार को संसदीय समितियों की बैठकें संसद भवन में सदस्यों की मौजूदगी और कुछ पाबंदियों के साथ करने के संबंध में दिशानिर्देश जारी किये।
सरकार कोरोना वायरस महामारी के बीच संसद का मानसून सत्र अगस्त के अंत में या सितंबर में आयोजित करने की संभावना पर विचार कर रही है।
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कोविड-19 संकट के मद्देनजर अनेक समितियों के अध्यक्षों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और राज्यसभा के सभापति वेंकैया नायडू से डिजिटल बैठकों का अनुरोध किया था, लेकिन अनुमति नहीं दी गयी।
लोकसभा सचिवालय ने दिशानिर्देशों में कहा, ‘‘एक जुलाई से लॉकडाउन में की दी गयी और ढील के साथ अब संसदीय समितियों की बैठकें कुछ पाबंदियों के साथ की जा सकती हैं।’’
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सचिवालय ने निर्देश दिया है कि समिति के कक्ष में बैठक व्यवस्था छह फुट की सामाजिक दूरी के नियम का कड़ाई से पालन करते हुए की जाए। समिति कक्ष के बाहर सैनेटाइजर का प्रबंध होना चाहिए।
लोकसभा सचिवालय ने कहा कि बैठक में किसी मुद्रित सामग्री का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए और बैठक से संबंधित सभी कागजों को सदस्यों को डिजिटल स्वरूप में भेजा जाना चाहिए।
उसने कहा कि समिति के समक्ष साक्ष्यों के लिहाज से प्रस्तुत हो रहे मंत्रालय या विभाग को सलाह दी जाती है कि कोई सामग्री साथ नहीं लाएं जिनमें वार्षिक रिपोर्ट या सदस्यों के लिए बैग आदि शामिल हैं।
अधिसूचना के अनुसार, ‘‘समिति के समक्ष प्रस्तुत हो रहे मंत्रालयों या विभागों को अधिकतम पांच अधिकारियों को भेजने की सलाह दी जा सकती है।’’
इसमें कहा गया कि अगर मंत्रालय ज्यादा अधिकारी लाने को बाध्य है तो लॉबी में उनके बैठने के लिए व्यवस्था की जा सकती है।
सूत्रों ने बताया कि संसदीय समितियों की बैठकों को संसद को सदस्यों की मौजूदगी के साथ मानसून सत्र के लिए तैयार करने की कवायद माना जा रहा है।
उन्होंने कहा कि बिरला और नायडू दोनों ने इस बारे में कई बार बातचीत की है कि कोविड-19 महामारी के बीच मानसून सत्र कैसे आयोजित किया जाए।
सूत्रों ने बुधवार को कहा था कि सरकार अगस्त के अंतिम सप्ताह या सितंबर के पहले सप्ताह से संसद के मानसून सत्र को आयोजित करने की संभावना पर विचार कर रही है जिसमें बैठकों में सदस्य उपस्थित रह सकें।
हालांकि सूत्रों ने कहा कि कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए अभी तक कुछ तय नहीं हुआ है और यह बताना मुश्किल होगा कि सामाजिक दूरी के नियमों का पालन करते हुए सत्र कैसे आयोजित किया जाएगा।
संसद का बजट सत्र कोविड-19 महामारी बढ़ने के बीच निर्धारित समय से पहले ही 23 मार्च को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया था।
संसद में इस सप्ताह संसदीय सौंध भवन में अन्य पिछड़ा वर्ग के कल्याण पर समिति की बैठक के साथ कामकाज फिर से शुरू हुआ है।
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