देश की खबरें | राहुल जैसे नेता होंगे तो कांग्रेस नेताओं की तर्क शक्ति और सामान्य समझ में गिरावट आएगी: भाजपा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कांग्रेस द्वारा केंद्र सरकार पर प्रचार के लिए संसद द्वारा विभिन्न मंत्रालयों को आवंटित 40 प्रतिशत धन हड़पने का आरोप लगाए जाने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बृहस्पतिवार को पलटवार करते हुए कहा कि यह स्वाभाविक है कि जब राहुल गांधी देश की सबसे पुरानी पार्टी की कमान संभालेंगे तो उसके नेताओं की ‘तर्क शक्ति और सामान्य समझ में गिरावट’ आएगी।

नयी दिल्ली, 13 जुलाई कांग्रेस द्वारा केंद्र सरकार पर प्रचार के लिए संसद द्वारा विभिन्न मंत्रालयों को आवंटित 40 प्रतिशत धन हड़पने का आरोप लगाए जाने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बृहस्पतिवार को पलटवार करते हुए कहा कि यह स्वाभाविक है कि जब राहुल गांधी देश की सबसे पुरानी पार्टी की कमान संभालेंगे तो उसके नेताओं की ‘तर्क शक्ति और सामान्य समझ में गिरावट’ आएगी।

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने बृहस्पतिवार को कहा कि वित्त मंत्रालय ने 19 मई को आदेश दिया था कि विभिन्न विभागों या मंत्रालयों में ‘विज्ञापन और प्रचार’ के लिए संसद द्वारा मंजूर किए गए धन का 40 प्रतिशत सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय में केंद्रीय संचार ब्यूरो (सीबीसी) के पास रखा जाना चाहिए।

रमेश ने एक ट्वीट में आरोप लगाया कि ऐसा करके सरकार ने संसद द्वारा पेश बजट की शुचिता को ठेस पहुंचाई है।

रमेश के आरोपों का जवाब देते हुए भाजपा के सूचना और प्रौद्योगिकी विभाग के प्रमुख अमित मालवीय ने एक ट्वीट में कहा, ‘‘यह आपका आज का सबक है... अग्रिम प्राधिकार पत्र का अनुरोध करने का कदम भारत सरकार में अभूतपूर्व नहीं है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘यह संप्रग के दौरान भी किया गया था।’’

मालवीय ने कहा कि केंद्र सरकार में एक मंत्रालय अपने बजट से दूसरे मंत्रालय को धन आवंटित करता है।

उन्होंने कहा कि केंद्रीय संचार ब्यूरो (सीबीसी) केंद्र सरकार और उसकी संस्थाओं के लिए ‘360 डिग्री संचार समाधान प्रदाता’ है।

भाजपा पदाधिकारी ने कहा कि सीबीसी मीडिया रणनीति पर सरकार के लिए एक सलाहकार निकाय के रूप में कार्य करता है और इसका उद्देश्य सरकार को ‘लोगों के सशक्तिकरण के सूत्रधार’ के रूप में चमकाना है।

उन्होंने कहा, ‘‘सीबीसी सरकार की नीतियों और कार्यक्रमों के बारे में जानकारी प्रसारित करने के लिए प्रिंट, ऑडियो-विज़ुअल, आउटडोर, डिजिटल और न्यू मीडिया, प्रदर्शनियों, लोक और पारंपरिक रूपों जैसे संचार के विभिन्न वाहनों का उपयोग करता है।’’

अपने ट्वीट के साथ, भाजपा नेता ने वित्त मंत्रालय के 19 मई के कार्यालय ज्ञापन को भी पोस्ट किया, जिसमें उस हिस्से पर प्रकाश डाला गया है, जहां मंत्रालय ने संबंधित मंत्रालयों/विभागों को आवंटित बजट का 40 प्रतिशत सीबीसी को विज्ञापन और प्रचार के तहत दिए जाने का उल्लेख है।

उन्होंने कहा, ‘‘कोई भी व्यक्ति, जिसे बुनियादी सामान्य ज्ञान है, उसे ओएम (कार्यालय ज्ञापन) के पैरा चार को पढ़ने के बाद पता चल जाएगा कि ऐसा क्यों किया गया है। अग्रिम भुगतान की मांग की गई है ताकि पारदर्शी लेखा हो और सरकारी खातों में कोई खामी न हो।’’

उन्होंने कहा कि जैसा कि पत्र में उल्लेख किया गया है, इससे ‘अंतर-विभागीय लेनदेन’ के निपटान से संबंधित सिविल लेखा मैनुअल में निर्धारित ‘लेनदेन का बेहतर सामंजस्य’ होगा।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं समझता हूं कि राहुल गांधी के कांग्रेस की कमान संभालने के बाद यह स्वाभाविक है कि तर्क शक्ति और सामान्य समझ में गिरावट आएगी।’’

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