फतेहगढ़ साहिब/फरीदकोट/रोहतक, 21 अगस्त लद्दाख में एक सड़क दुर्घटना में सर्वोच्च बलिदान देने वाले नौ सैनिकों में से पंजाब के दो और हरियाणा के तीन सैनिकों का सोमवार को पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
पंजाब के नायब सूबेदार रमेश लाल (40) और गनर तरणदीप सिंह (23) ने शनिवार को लद्दाख के लेह जिले में उस समय जान गंवा दी जब उनका वाहन सड़क से फिसलकर गहरी खाई में गिर गया था। यह हादसा दक्षिणी लद्दाख के न्योमा में कियारी के पास हुआ था।
पंजाब के फतेहगढ़ साहिब और फरीदकोट जिलों के रहने वाले सैनिकों के शव जब उनके पैतृक स्थलों पर पहुंचे तो वहां मौजूद हर किसी की आंखों में आंसू थे।
सिंह का अंतिम संस्कार फतेहगढ़ साहिब में उनके पैतृक गांव कमाली में किया गया। वह वर्ष 2018 में सेना में शामिल हुए और उनके परिवार में उनके माता-पिता और एक बहन हैं।
अंतिम संस्कार के दौरान उपस्थित लोगों में प्रमुख रूप से बस्सी पठाना के विधायक रूपिंदर सिंह हैप्पी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रवजोत ग्रेवाल और फतेहगढ़ साहिब के उपायुक्त परनीत शेरगिल शामिल थे।
लाल के पार्थिव शरीर का फरीदकोट के कोटकपुरा में उनके गांव सरसारी में अंतिम संस्कार किया गया। वह, वर्ष 1999 में सेना में शामिल हुए और उनके परिवार में उनकी पत्नी तथा दो बेटे हैं।
घटना में शहीद हुए हरियाणा के जवानों में से रोहतक के अंकित, पलवल के मनमोहन और नूंह के तेजपाल का उनके पैतृक गांव में अंतिम संस्कार किया गया।
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