विदेश की खबरें | किर्गिस्तान के मानवाधिकार कार्यकर्ता का 69 वर्ष की आयु में निधन

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. अस्कारोव, नस्लीय हिंसा के आरोप में दोषी पाए जाने पर आजीवन कारावास की सजा काट रहे थे।

अस्कारोव, नस्लीय हिंसा के आरोप में दोषी पाए जाने पर आजीवन कारावास की सजा काट रहे थे।

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार समिति और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों ने अस्कारोव के बिगड़ते स्वास्थ्य को देखते हुए कई बार किर्गिस्तान से उन्हें रिहा करने को कहा था।

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किर्गिस्तान के जेल अधिकारियों ने कहा कि कि जेल की क्लिनिक में शनिवार को अस्कारोव का निधन हो गया।

उन्होंने कहा कि इससे पहले अस्कारोव को निमोनिया की शिकायत होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

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जेल अधिकारियों ने एक वक्तव्य में कहा कि अस्कारोव को दिल की बीमारी और अन्य रोग भी थे।

अस्कारोव उज्बेक लोगों के अधिकारों के लिए लड़ने वाले कार्यकर्ता थे और दक्षिणी किर्गिस्तान में 2010 में नस्लीय हिंसा में शामिल होने के आरोप में आजीवन कारावास की सजा काट रहे थे।

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