देश की खबरें | कोविड संकट सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में हुई प्रगति को नुकसान पहुंचाएगा :हर्षवर्धन

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नयी दिल्ली, 18 जनवरी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने कोरोना वायरस टीकों के निष्पक्ष और समान वितरण की जरूरत पर जोर देते हुए सोमवार को कहा कि कोविड-19 से सबसे ज्यादा प्रभावित निर्धनतम और वंचित लोग हुए हैं और इस संकट का असर सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में अथक परिश्रम से हुई प्रगति बाधित होगी।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अधिशासी बोर्ड के 148वें सत्र की वीडियो कॉन्फ्रेंस से अध्यक्षता करते हुए हर्षवर्धन ने कहा कि महामारी ने एक ऐसा अवसर प्रस्तुत किया है जहां ‘स्वास्थ्य’ को सरकारों, साझेदारों और दानदाताओं के वैश्विक एजेंडा में रखा गया है।

उन्होंने कहा कि कोविड-19 ने स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश की जरूरत को रेखांकित किया है और डब्ल्यूएचओ में सतत आर्थिक योगदान की जरूरत भी चिह्नित की है ताकि यह वैश्विक संस्था सार्वजनिक स्वास्थ्य जरूरतों पर पूरी तरह ध्यान दे सके।

हर्षवर्धन ने दुनियाभर के चिकित्सा कर्मियों, वैज्ञानिकों, अनुसंधानकर्ताओं तथा अन्य कर्मियों का आभार व्यक्त किया जो महामारी से निपटने के लिए लगातार कठिन एवं चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में काम कर रहे हैं।

स्वास्थ्य मंत्रालय के एक बयान के अनुसार केंद्रीय मंत्री ने उन परिवारों के प्रति संवेदना भी व्यक्त की जिन्होंने कोरोना वायरस के कारण अपने प्रियजनों को गंवा दिया।

उनके हवाले से मंत्रालय ने कहा, ‘‘हम सभी जानते हैं कि 2020 पूरी दुनिया के लिए कितना मुश्किल रहा है। मानवता ने इस संकट से किस तरह अपनी पूरी शक्ति के साथ मुकाबला किया है, लेकिन इसी एक साल में विज्ञान के प्रमाणों को विवेकपूर्ण तरीके से अपनाया भी गया। मैं 2020 को ‘विज्ञान का वर्ष’ और ‘अतुल्य वैज्ञानिक उपलब्धियों का वर्ष’ कहता हूं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘अनुसंधानकर्ताओं ने 12 महीने से कम समय में एक नयी बीमारी को चिह्नित किया है, एक नये वायरस के जीनोम पर अध्ययन किया है, निदान तकनीकें विकसित की हैं, उपचार के प्रोटोकॉल तैयार किये हैं और बिना किसी क्रम के नियंत्रित परीक्षणों में दवाओं एवं टीकों का प्रभाव साबित किया है।’’

हर्षवर्धन ने कहा कि अनेक देशों में जिस गति से कोविड-19 के टीकों का सफलतापूर्वक उत्पादन किया जा रहा है, अनेक उपलब्धियां अर्जित की जा रही हैं, तकनीक के क्षेत्र में निवेश में उछाल दिखाई दे रहा है और डिजिटल प्रौद्योगिकियों को अपनाया जा रहा है, इन सभी से प्रगति के एक नये युग की उम्मीदें पैदा होती हैं।

केंद्रीय मंत्री ने इस बात पर भी आशा जताई कि महामारी से हुए अभूतपूर्व नुकसान को प्रतिबद्धतापूर्ण राजनीतिक नेतृत्व एवं सतत विकास सहयोग और एकजुटता के माध्यम से मौजूदा वर्ष में कम किया जा सकेगा और सफलतापूर्वक इसके उलट अच्छे परिणाम प्राप्त किये जा सकेंगे।

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