देश की खबरें | दिल्ली में कोविड-19 का पहला टीका एम्स के सफाई कर्मी को दिया गया, हर्षवर्धन ने ऐतिहासिक दिन बताया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. राष्ट्रव्यापी कोविड-19 टीकाकरण अभियान की यहां अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन की मौजूदगी में शुरूआत होने के दौरान मनीष कुमार नाम के एक सफाईकर्मी को राष्ट्रीय राजधानी में पहला टीका लगाया गया।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 16 जनवरी राष्ट्रव्यापी कोविड-19 टीकाकरण अभियान की यहां अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन की मौजूदगी में शुरूआत होने के दौरान मनीष कुमार नाम के एक सफाईकर्मी को राष्ट्रीय राजधानी में पहला टीका लगाया गया।

एम्स के निदेशक रणदीप गुलेरिया को भी टीका लगाया गया। इसके बाद नीति आयोग के सदस्य वी के पॉल ने भी टीका लगवाया।

मनीष कुमार अपनी मां लक्ष्मी के साथ एम्स में काम करते हैं। कुमार ने कहा कि वह बिल्कुल भी घबराये हुए नहीं थे और उन्हें ‘‘गर्व है कि उन्होंने टीका लगवाया।’’

हर्षवर्धन ने कहा कि दोनों टीके--भारत बायोटेक के स्वदेश विकसित कोवैक्सीन और ऑक्सफोर्ड/एस्ट्राजेनेका के कोविशील्ड--इस महामारी के खिलाफ लड़ाई में एक 'संजीवनी' हैं।

टीकाकरण अभियान की शुरुआत के बाद हर्षवर्धन ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘ये टीके महामारी के खिलाफ लड़ाई में हमारी 'संजीवनी' हैं। हमने पोलियो के खिलाफ लड़ाई जीती है और अब हम कोविड के खिलाफ युद्ध जीतने के निर्णायक चरण में पहुंच गए हैं। मैं इस अवसर पर अग्रिम मोर्चे के सभी कर्मियों को बधाई देता हूं।’’

वहीं, राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल में एक सुरक्षा गार्ड को पहला टीका लगाया गया। उसे कोवैक्सीन लगाया गया। साथ ही, सफदरजंग अस्पताल में भी एक सुरक्षा गार्ड को पहला टीका लगाया गया।

कई चिकित्सकों, नर्स और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को इन अस्पतालों में टीके दिये गए।

इससे पहले दिन में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महामारी के खिलाफ दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान की शुरुआत की।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने यहां लोक नायक जय प्रकाश नारायण (एलएनजेपी) अस्पताल में कोविड-19 टीकाकरण अभियान का निरीक्षण किया और उन कुछ स्वास्थ्य कर्मियों से बाचतीत की, जिन्हें टीके लगाये गए हैं। केजरीवाल ने भी लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और विशेषज्ञों की बात सुनने के लिए कहा, जिनका कहना है कि कोविड-19 टीके सुरक्षित हैं।

हर्षवर्धन ने कहा कि यह एक ऐतिहासिक दिन है। उन्होंने कहा, ‘‘हमें कोरोना वायरस के खिलाफ अपनी पूरी लड़ाई के दौरान प्रधानमंत्री का आशीर्वाद मिला है। यह दुनिया में सबसे बड़ा कोरोना वायरस टीकाकरण कार्यक्रम है।’’

हर्षवर्धन ने कहा, ‘‘हमनें पिछले एक साल के दौरान इस बीमारी का बहादुरी से मुकाबला किया है। हमारे द्वारा एक अग्रिम और एक सक्रिय रणनीति अपनाने के चलते भारत ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है। हमारे यहां इस रोग से मृत्यु दर शायद दुनिया में सबसे कम है।’’

हर्षवर्धन ने कोरोना वायरस टीकों - कोविशील्ड और कोवैक्सीन - के सुरक्षित होने पर जोर देते हुए कहा, ‘‘विशेषज्ञों ने परिणाम देखने के बाद अपनी स्वीकृति दी। टीकों में कोई अंतर नहीं है। दोनों समान रूप से सुरक्षित और कारगर हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ऐसे समय में जब अफवाहें फैलाई जा रही हैं, मुझे उम्मीद है कि मीडिया सही जानकारी फैलाएगा और इस कदम से महामारी के खिलाफ लड़ाई में मदद मिलेगी।’’

हर्षवर्धन ने यह भी कहा कि भारत बायोटेक के कोवैक्सीन का तीसरे चरण का परीक्षण जारी है। उन्होंने कहा, ‘‘यह टीका पर्याप्त जांच पड़ताल से होकर गुजरा है।’’

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, ‘‘किसी भी डरने की कोई जरूरत नहीं है। हमें बिल्कुल निडर रहना है और इस टीके की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह से सुनिश्चित रहना है। सभी को अपनी बारी का इंतजार करना होगा।’’

सरकार के अनुसार, टीके पहले अनुमानित एक करोड़ स्वास्थ्य कर्मियों और अग्रिम मोर्चे के लगभग दो करोड़ कर्मियों को और उसके बाद 50 साल से अधिक उम्र के व्यक्तियों को लगाए जाएंगे। इसके बाद 50 साल से कम उम्र के उन व्यक्तियों को टीके लगाए जाएंगे, जो कई बीमारियों से पीड़ित हैं।

स्वास्थ्य कर्मियों और अग्रिम मोर्चे पर कार्यरत कर्मियों के टीकाकरण का खर्च केंद्र सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।

हर्षवर्धन ने डॉक्टरों, नर्सों, स्वास्थ्य कर्मचारियों, सुरक्षा कर्मियों और पत्रकारों सहित सभी को धन्यवाद दिया, जो महामारी के खिलाफ लड़ाई में अग्रिम पंक्ति में रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन लोगों ने यह सुनिश्चित किया कि भारत उस चरण में पहुंच जाए, जिसमें लोगों को टीके लगाये जा सके।

पॉल ने टीका लगवाने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए लोगों से ‘‘टीका लगवाने’’ का आग्रह किया।

उन्होंने कहा, ‘‘मेरा मानना ​​है कि यह एक अच्छा टीका है। मैंने कोवैक्सीन लिया है। टीके को अपनायें। दोनों टीकें, जिन्हें सरकार ने अधिकृत किया है वे दोनों सुरक्षित और प्रतिरक्षात्मक हैं। मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि कृपया इसे अपनायें क्योंकि इस तरह से आप अपने परिवार और अपने समुदाय की मदद करेंगे।’’

टीके के कारगर होने से जुड़ी चिंताओं पर उन्होंने कहा कि इसके कोई सबूत नहीं है कि यह सुरक्षित नहीं है और ये गलत अफवाहें और विमर्श हैं।

हर्षवर्धन ने एम्स के बाद कोविशील्ड टीकाकरण कार्यक्रम का निरीक्षण करने के लिए सर गंगा राम अस्पताल का भी दौरा किया।

अस्पताल के एक बयान में हर्षवर्धन के हवाले से कहा गया, ‘‘भारत ने आज सबसे बड़ा टीकाकरण कार्यक्रम शुरू किया है। हमें भारत के टीकाकरण कार्यक्रम पर गर्व होना चाहिए और मैं टीके के कारगर होने के प्रति लोगों को आश्वस्त करता हूं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मैंने कोविड​​-19 संकट के चरम के दौरान कई बार सर गंगा राम अस्पताल का दौरा किया है। यही कारण है कि मैं आज इस अस्पताल का दौरा कर रहा हूं क्योंकि कोविड​​-19 के खिलाफ लड़ाई के दौरान सर गंगा राम अस्पताल सबसे आगे रहा है। लोगों को इस महत्वपूर्ण टीकाकरण कार्यक्रम में राजनीति नहीं करनी चाहिए।’’

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\