जरुरी जानकारी | कोविड19: जनवरी-मई के दौरान रीयल एस्टेट क्षेत्र में प्राइवेट इक्विटी निवेश 93 प्रतिशत गिरा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. आर्थिक गतिविधियों में गिरावट और कोविड 19 महामारी के संकट के बीच इस वर्ष जनवरी-मई की अवधि में देश में रीयल एस्टेट (भूमि-भवन) क्षेत्र में प्राइवेट इक्विटी (पीई) निवेश एक साल पहले इसी अवधि की तुलना में 93 प्रतिशत गिर कर 23.8 करोड़ डालर रहा। यह जानकारी इस बाजार से जुड़ी अनुसंधान एवं परामर्श सेवा कंपनी नाइट फ्रैंक डंडिया की ताजा रपट में दी गयी है।
नयी दिल्ली, दस जून आर्थिक गतिविधियों में गिरावट और कोविड 19 महामारी के संकट के बीच इस वर्ष जनवरी-मई की अवधि में देश में रीयल एस्टेट (भूमि-भवन) क्षेत्र में प्राइवेट इक्विटी (पीई) निवेश एक साल पहले इसी अवधि की तुलना में 93 प्रतिशत गिर कर 23.8 करोड़ डालर रहा। यह जानकारी इस बाजार से जुड़ी अनुसंधान एवं परामर्श सेवा कंपनी नाइट फ्रैंक डंडिया की ताजा रपट में दी गयी है।
पिछले साल इसी अवधि में इस क्षेत्र में पीई निवेश 3.38 अरब डालर के बराबर था।
यह भी पढ़े | 7th Pay Commission: ग्रेच्युटी से जुड़ी ये अहम बात क्या जानते हैं आप, मिल रही है अच्छी-खासी आयकर छूट.
रीयल एस्टेट क्षेत्र में निवेश के विषय पर बुधवार को जारी अपनी रपट ‘ इन्वेस्टमेंट इन रीयल एस्टेट’ में नाइट फ्रैंक ने कहा है कि इस साल जनवरी से मई के अंत तक इस क्षेत्र में केवल पांच सौदे ही हो सके। इनमें कुल निवेश 23.8 करोड़ रुपये के बराबर रहा। ‘यह एक साल पहले की इसी अवधि की तुलना में 93 प्रतिशत कम है।’
फर्म का कहना है कि यह गिरावट आर्थिक नरमी ओर कोविड19 संकट के कारण आयी है। इन बातों से निवेशकों का उत्साह कम हुआ है।
यह भी पढ़े | EPF Withdrawal: ईपीएफओ ने दावों को फटाफट निपटाने के लिए किया AI टूल लॉन्च.
रपट के अनुसार इस दौरान आफिस-स्थल परियोजनाओं में पीई निवेश 14.1 करोड़ डालर रहा जो एक साल पहले इसी दौरान एक अरब 90 लाख डालर के बराबर था। इस दौरान खुदरा वर्ग में एक भी पीई निवेश इन पांच महीनों में नहीं आया जबकि पिछले साल इसी दौरान खुदरा क्षेत्र में 39.7 करोड़ डालर का निवेश आया था।
इसी तरह इस अवधि में भंडार-स्थल क्षेत्र में प्राइवेट इक्विटी निवेश कर 5.7 करोड़ डालर रहा जो एक साल पहले इसी दौरान मात्र 15 लाख डालर था। इस तरह इस क्षेत्र में निवेश बढा।
इसी दौरान आवास क्षेत्र में पीई निवेश घट कर 4 करोड़ डालर पर आ गया जबकि जनवरी-मई 2019 के दौरान इस क्षेत्र में 46.9 करोड़ डालर पीई पूंजी आयी थी।
नाइट फ्रैंक इंडिया के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक शिशिर बैजल ने कहा , ‘इस समय हम अनिश्चितता के दौर में काम कर रहे है। भारत उन देशों में रहा है जहां लॉकडाउन (कोराना के कारण निकलने बढ़ने पर पाबंदी) सबसे सख्त रही है। ऐसे में 2020 भारत में कंपनियों के लिए एक चुनौतीपूर्ण वर्ष होगा।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)