देश की खबरें | केरल की आईआरएस अधिकारी ने परीक्षा के अंतिम प्रयास में आईएएस बनने का सपना पूरा किया
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तिरुवनंतपुरम/मलप्पुरम, 22 अप्रैल भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) की 2020 बैच की अधिकारी मालविका जी नायर ने सिविल सेवा परीक्षा के अपने छठे और आखिरी प्रयास में 45वां स्थान हासिल कर भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) की अधिकारी बनने का अपना सपना पूरा कर लिया।
अल्लपुझा जिले के चेंगन्नूर की मूल निवासी मालविका ने जब सिविल सेवा परीक्षा में बैठने के अपने अंतिम अवसर के लिए तैयारी शुरू की थी, तब वह गर्भवती थीं और उन्होंने शिशु के जन्म के महज 14 दिन बाद ही मुख्य परीक्षा दी थी।
मालविका ने मलप्पुरम में एक समाचार चैनल से बातचीत में कहा, “इस बार स्थिति चुनौतीपूर्ण थी, क्योंकि मैं गर्भवती थी। मैं अपने पति और परिवार के सहयोग के बिना यह परीक्षा उत्तीर्ण नहीं कर पाती।”
उन्होंने कहा, “मेरे परिवार ने बच्चे की देखभाल में मेरी मदद की। वहीं, मेरे पति नंदगोपन एम, जो वर्तमान में भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के प्रशिक्षु अधिकारी हैं, ने साक्षात्कार में पूछे जाने वाले सवालों की तैयारी में मुझे सहायता दी।”
मालविका राजस्व विभाग में उपायुक्त हैं, जबकि उनके पति नंदगोपन मलप्पुरम में प्रशिक्षण ले रहे हैं। वह सिविल सेवा परीक्षा 2024 में शीर्ष 100 में जगह बनाने वाली केरल की पांच महिलाओं में शामिल हैं।
कोट्टाराक्कारा की मूल निवासी नंदना जेपी ने सिविल सेवा परीक्षा में अपने दूसरे प्रयास में 47वां स्थान हासिल किया।
उन्होंने तिरुवनंतपुरम में एक टीवी चैनल से बातचीत में कहा, “मैंने 2023 में पहली बार यह परीक्षा दी थी और तब मैं प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण करने में विफल रही थी। 2024 में मैं दूसरी बार इस परीक्षा में बैठी और सभी चरणों में उत्तीर्ण होते हुए अच्छी रैंक हासिल करने में सफल रही।”
नंदना ने 2022 में तिरुवनंतपुरम के मार इवानियोस कॉलेज से स्नातक किया था।
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