कोल्लम (केरल), 28 अप्रैल केरल की एक अदालत ने कोल्लम जिले में दहेज के लिए अपनी पत्नी को 2019 में भूखा मार डालने के जुर्म में सोमवार को एक व्यक्ति और उसकी मां को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
विशेष अभियोजक महेंद्र के बी ने बताया कि अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (चतुर्थ) एस सुभाष ने दोषियों चंदूलाल (36) और उसकी मां गीता (62) पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया।
तुषारा (28) नामक पीड़िता को उसके पति और सास ने दहेज के लिए जबरन भूखा रखा, जिसके कारण वह "कंकाल" बनकर रह गयी थी और बाद में उसकी मृत्यु हो गई। इस मामले के कारण केरल के लोगों में बड़े पैमाने पर आक्रोश पैदा हो गया था।
अधिवक्ता महेंद्र ने संवाददाताओं से कहा कि दहेज के नाम पर हत्याएं होती रही हैं, लेकिन यह शायद पहली बार है जब दो बच्चों की मां को भूख से मरने के लिए मजबूर किया गया।
उन्होंने बताया कि अदालत ने अभियोजन पक्ष की दलीलों को स्वीकार कर लिया और मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 304 (बी) और 302 के तहत दोषियों को दंडित किया।
कोल्लम के निकट करुनागप्पल्ली की मूल निवासी तुषारा को कई दिनों तक उचित भोजन नहीं दिया गया और वह केवल भीगे चावल और चीनी के शरबत पर जीवित रही। यहां एक सरकारी अस्पताल में उसकी मृत्यु हो गई।
महिला की मौत 21 मार्च 2019 की मध्य रात्रि के आसपास हुई। उस समय वह बीमार थी और उसे बेचैनी हो रही थी। मृत्यु के समय महिला का वजन मात्र 20-21 किलोग्राम था।
महिला की मौत के बाद पुलिस द्वारा की गई जांच के दौरान उसे प्रताड़ित किए जाने का मामला प्रकाश में आया।
तुषारा के पति चंदूलाल और उसकी मां गीता को इस मामले के सिलसिले में शीघ्र ही गिरफ्तार कर लिया गया।
इस जोड़े का विवाह 2013 में हुआ था।
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