देश की खबरें | केरल उच्च न्यायालय ने राज्य फिल्म पुरस्कारों को रद्द करने के अनुरोध से संबंधित याचिका खारिज की
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कोच्चि, 11 अगस्त केरल उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को मलयाली फिल्म के निर्देशक की एक याचिका खारिज कर दी, जिसमें हाल में घोषित साल 2022 के वार्षिक राज्य फिल्म पुरस्कारों को रद्द करने का अनुरोध किया गया था।
याचिका में राज्य चलचित्र अकादमी के अध्यक्ष और फिल्मकार रंजीत पर पक्षपात और भाई-भतीजावाद के आरोप लगाए गए थे।
न्यायमूर्ति पी वी कुन्हीकृष्णन ने रंजीत के खिलाफ जांच और कार्रवाई का अनुरोध करने वाले फिल्म 'आकाशथिनु थाज़े' के निर्देशक लिजीश मुल्लेज़थ की याचिका खारिज कर दी।
अदालत ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि उसके समक्ष दायर याचिका के साथ पर्याप्त सबूत पेश नहीं किए गए।
अदालत ने यह भी कहा कि यदि निर्णायक मंडल (जूरी) के किसी सदस्य को शिकायत है, तो वह सीधे अदालत का रुख कर सकता है।
अदालत ने कहा कि वह मीडिया में आने वाली हर बात पर नोटिस जारी नहीं कर सकती।
इस बीच, याचिकाकर्ता ने सबूत के तौर पर निर्देशक विनयन, निर्णायक मंडल के सदस्य नेमम पुष्पराज और एक मीडियाकर्मी के यूट्यूब वीडियो जमा कराने के लिए समय मांगा, लेकिन अदालत ने इस अनुरोध को खारिज कर दिया।
मुल्लेज़थ ने याचिका में आरोप लगाया था कि वह ‘रंजीत के कार्यों’ के कारण पक्षपात और भाई-भतीजावाद के पीड़ित हैं। उन्होंने दावा किया था कि वह ‘केरल स्टेट अवॉर्ड्स फॉर मलयालम फिल्म्स एंड राइटिंग्स ऑन सिनेमा 2022’ में पुरस्कारों के लिए विचार किए जाने के हकदार थे।
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