देश की खबरें | केरल के राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने दी विश्व के सभी मलयाली लोगों को ओणम की बधाई

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तिरुवनंतपुरम, 28 अगस्त केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान और मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने सोमवार को फसलों के उत्सव ओणम की पूर्व संध्या पर दक्षिणी राज्य के लोगों और दुनिया भर में मलयाली लोगों को शुभकामनाएं दीं।

ओणम, केरल का सबसे बड़ा वार्षिक त्योहार है जो मलयालम कैलेंडर के 'चिंगम' महीने में तिरुवोणम के दिन पड़ता है। इसे वर्ग, जाति और धार्मिक बाधाओं से परे सभी केरलवासी मनाते हैं।

इस वर्ष तिरुवोणम 29 अगस्त यानी मंगलवार को पड़ रहा है।

खान ने कहा कि ओणम का उत्सव समानता, एकता और समृद्धि के जीवन की पोषित विरासत को याद दिलाता है और हर घर को उत्सव के अलौकिक आनंद से रोशन करता है।

राज्यपाल ने कहा, "मैं राज्य के लोगों और दुनिया भर के अन्य केरलवासियों को ओणम की हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं। आइए हम केरल के प्रेम, समानता और सद्भाव के अनूठे संदेश के रूप में ओणम की धुन, आकर्षण और चमक को दुनिया भर में फैलाने के लिए एक साथ आएं।"

विजयन ने कहा कि ओणम लोगों को उस समय की याद दिलाता है जब समानता, समृद्धि और शांति थी और यह ज्ञान उन्हीं स्थितियों को फिर से लाने के संघर्ष को गति देता है।

उन्होंने कहा कि राज्य की वामपंथी सरकार के मन में एक ऐसा केरल बनाने की अवधारणा है जहां समृद्धि और सहानुभूति हो।

उन्होंने अपने कार्यालय से जारी एक बयान में कहा कि केरल की नई अवधारणा राज्य को समय की जरूरतों के अनुसार हर तरह से आधुनिक बनाएगी और मजबूत भी करेगी।

विजयन ने कहा कि राज्य की विभिन्न सीमाओं के बावजूद वे ओणम को सभी के लिए शुभ बनाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहे हैं।

उन्होंने दावा किया कि कल्याणकारी पेंशन के वितरण से लेकर उचित मूल्य पर सार्वजनिक चीजों के वितरण तक सब कुछ राज्य सरकार द्वारा सुनिश्चित किया गया है।

सीएम ने कहा, "ओणम को शांति, समृद्धि और विकास का उत्सव बनाएं जो मन में सभी मानवीय मूल्यों की पुष्टि करता है। आइए हम जाति और धर्म के विभाजन से परे मानवीय एकता को मजबूत कर केरल के इस मुख्य त्योहार को मनाएं।"

पौराणिक कथाओं के अनुसार, केरल पर एक समय उदार असुर राजा 'महाबली' का शासन था। उनके शासनकाल के दौरान, हर कोई समान था और धोखाधड़ी और चोरी की तो घटना होती ही नहीं थी।

महाबली की लोकप्रियता से ईर्ष्या करने वाले देवता, भगवान विष्णु की सहायता से उन्हें पाताल लोक में भेजने में कामयाब रहे।

लेकिन, उन्हें हर साल तिरुवोणम दिवस पर केरल लौटने की अनुमति दी गई और केरलवासी ओणम को राजा की घर वापसी के रूप में मनाते हैं।

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