तिरुवनंतपुरम, 23 जनवरी केरल में कांग्रेस नीत यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) ने राज्य विधानसभा में सोमवार को सत्तारूढ़ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) पर आरोप लगाया कि पार्टी के बहुसंख्यक और अल्पसंख्यक दोनों समुदायों के चरमपंथी ताकतों के साथ ‘‘नापाक रिश्ते’’ हैं।
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष वी डी सतीशन ने दावा किया कि इस तरह के नापाक संबंध के कारण राज्य सरकार द्वारा पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के नेताओं के खिलाफ कार्यवाही शुरू करने में देरी हुई।
पीएफआई पर अब प्रतिबंध लग चुका है।
विधानसभा के बाहर सतीशन ने कहा, ‘‘हमने (यूडीएफ) पहले भी कहा है कि सरकार और माकपा के बहुसंख्यक और अल्पसंख्यक समुदायों के चरमपंथी ताकतों के साथ नापाक रिश्ते हैं।’’
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘हां, यहां तक कि पीएफआई के साथ भी। यही कारण है कि पीएफआई नेताओं की संपत्तियों को जब्त करने के अदालती आदेश के बाद भी सरकार प्रक्रिया शुरू करने में सुस्त रही।’’
उन्होंने कहा कि यूडीएफ, पीएफआई नेताओं की संपत्तियों को जब्त करने के खिलाफ नहीं है, लेकिन राज्य सरकार ‘‘दुर्भाग्य से’’ कई अन्य लोगों को भी नोटिस भेज रही है जो प्रतिबंधित संगठन की गतिविधियों में शामिल नहीं थे। सतीशन ने कहा, ‘‘यह बहुत अनुचित है क्योंकि इससे निर्दोष लोगों की संपत्तियां जब्त किए जाने की आशंका है और ऐसे लोगों को अपराधी करार दिया जाएगा।’’
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