कन्नूर, 21 मई केरल में एक कैथोलिक आर्कबिशप ने यह कहकर विवाद उत्पन्न कर दिया कि राजनीतिक शहीद वे हैं जो ‘‘अनावश्यक झगड़े’’ में लिप्त होने के बाद मारे गए। बाद में इस बयान की रविवार को राज्य के राजनीतिक नेताओं ने आलोचना की।
शनिवार को केरल कैथोलिक यूथ मूवमेंट (केसीवाईएम) के एक कार्यक्रम में थालास्सेरी के आर्कबिशप एम जोसेफ पामप्लानी ने कहा कि यीशु के 12 प्रचारक की शहादत राजनीतिक शहीदों से अलग थी।
उन्होंने कहा, ‘‘प्रचारकों की शहादत राजनीतिक शहीदों की तरह नहीं है। कुछ राजनीतिक शहीद वे हैं जिन्हें किसी के साथ अनावश्यक झगड़े में गोली मार दी गई या कुछ वे हैं जो कुछ विरोध प्रदर्शनों के बाद पुलिस से भागते समय पुल से नीचे गिर गए। लेकिन 12 शहीद धर्म प्रचारक (यीशु के) वे हैं जिन्होंने सच्चाई और दुनिया की भलाई के लिए अपने जीवन का बलिदान दिया।’’
यह वीडियो रविवार को वायरल हो गया जिसके बाद एलडीएफ संयोजक ई पी जयराजन और वरिष्ठ वामपंथी नेता पी जयराजन सहित कई वरिष्ठ वामपंथी नेताओं ने बयान की आलोचना की।
पी जयराजन ने पामप्लानी से सवाल किया कि क्या गांधीजी की हत्या किसी के साथ "अनावश्यक लड़ाई" में शामिल होने के बाद हुई थी।
ई पी जयराजन ने कहा, ‘‘वह शहीदों का अपमान कैसे कर सकते हैं? सांप्रदायिक या फासीवादी ताकतों द्वारा हत्या किये जाने के बाद उन्हें शहीद कहा जाता है। शहीद विभिन्न राजनीतिक दलों और धर्मों के हैं।’’
एलडीएफ के संयोजक ने यह भी कहा कि समाज के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले शहीदों के खिलाफ ''ऐसी आधारहीन टिप्पणियां'' स्वीकार नहीं की जा सकतीं।
पी जयराजन ने कहा, ‘‘इससे पहले, उन्होंने (बिशप पामप्लानी ने) बयान दिया था कि अगर रबर की कीमत 300 रुपये प्रति किलोग्राम तक बढ़ाई जाती है तो भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को एक सीट मिलेगी। इसलिए हम उनके बयान को कोई महत्व नहीं दे रहे हैं।’’
उनका इशारा इस साल 19 मार्च को पामप्लानी के उस बयान की ओर था जिसमें उन्होंने कहा था कि यदि केंद्र रबर खरीद की दर बढ़ाकर 300 रुपये प्रति किलोग्राम करने का वादा करे तो दक्षिणी राज्य से भाजपा के सांसद की कमी को पूरा किया जाएगा। उनके इस बयान ने राज्य की सियासी गलियारों में खलबली मचा दी थी।
पी जयराजन ने यह भी कहा कि हाल के मणिपुर दंगों में कई ईसाई शहीद हुए थे।
इस बीच, भाजपा बिशप के समर्थन में उतर आई और कहा कि वरिष्ठ बिशप पर "निशाना" अलोकतांत्रिक है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY