देश की खबरें | टीकाकरण होने तक संक्रमण की जांच इसी तरह बरकरार रखें: नीतीश कुमार
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को अधिकारियों को निर्देश दिया कि जब तक टीकाकरण न हो जाए तब तक कोरोना वायरस संक्रमण की जांच इसी तरह बरकरार रखें।
पटना, 18 दिसंबर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को अधिकारियों को निर्देश दिया कि जब तक टीकाकरण न हो जाए तब तक कोरोना वायरस संक्रमण की जांच इसी तरह बरकरार रखें।
कुमार ने पटना में ‘आत्मनिर्भर बिहार के सात निश्चय पार्ट- 2’ के तहत स्वास्थ्य विभाग द्वारा कार्यान्वित होने वाली योजनाओं पर भी विस्तृत चर्चा करते हुए कहा कि राज्य में कोरोना वायरस संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए बेहतर कार्य किए गए हैं। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में जांच होने से संक्रमण के प्रसार को रोकने में काफी मदद मिली है। उन्होंने कहा कि जब तक टीकाकरण न हो जाए तब तक कोरोना वायरस संक्रमण की जांच इसी तरह बरकरार रखें।
उन्होंने कहा कि टीके के लिए भंडारण की पर्याप्त व्यवस्था रखें। उन्होंने कहा, ‘‘टीकाकरण कार्य में मानवबल का समायोजन इस प्रकार हो कि अन्य स्वास्थ्य सेवाएं भी सुचारु रुप से चलती रहें। स्वास्थ्य देखभाल कर्मी, अग्रिम मोर्चे पर रहकर काम करने वाले कर्मी, प्राथमिकता वाले आयु समूह, जनप्रतिनिधि, सभी सरकारी कार्यों से जुड़े लोग, संविदाकर्मी, दुकानदार, व्यवसायी समेत जोखिम वाले जो भी समूह हैं, उन सभी को टीकाकरण की व्यवस्था पहले हो।
उन्होंने कहा कि पल्स पोलियो की तर्ज पर पूरी सजगता के साथ टीकाकरण का कार्य बेहतर तरीके से हो। जिलाधिकारी के स्तर पर प्रतिदिन इसकी निगरानी भी हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाल हृदय योजना के अंतर्गत हृदय में छेद के साथ जन्मे बच्चों की निःशुल्क उपचार की व्यवस्था के लिए कार्य करें। इंदिरा गांधी इंस्टीच्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी और आईजीआईएमएस में हृदय उपचार को और बेहतर किया जाए। उन्होंने कहा कि जरुरी संसाधन की उपलब्धता हो ताकि बेहतर उपचार हो सके। बिहार यूनिवर्सिटीज ऑफ हेल्थ साइंसेज के अंतर्गत सभी सरकारी और प्राइवेट मेडिकल कॉलेज को शामिल किया जाए।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण कार्य किए गए हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर स्वास्थ्य संबंधी बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता से प्रतिदिन इलाज कराने वाले मरीजों की संख्या काफी बढ़ी है।
उन्होंने कहा, ‘‘लोगों को मुफ्त में दवाई दी जा रही है। गांव-गांव तक लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए हर जरुरी काम किये जा रहे हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों, अनुमण्डलीय अस्पतालों एवं जिला अस्पतालों में उपलब्ध सुविधाओं को और बेहतर और विस्तारित करने के लिए योजनाओं पर तेजी से काम करें। सभी क्षेत्रों में आकलन करवा लें कि कोई क्षेत्र स्वास्थ्य सुविधा से वंचित न रह जाए।’’
नीतीश ने कहा कि टेलीमेडिसीन के माध्यम से प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों, अनुमण्डलीय अस्पतालों एवं जिला अस्पतालों को जोड़ने से लोगों को चिकित्सीय परामर्श की सुविधा उपलब्ध हो पाएगी। उन्होंने कहा कि इससे मधुमेह, उच्च रक्तचाप तथा मोतियाबिंद जैसी अन्य गंभीर बीमारियों के इलाज में तत्परता आएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य उपकेन्द्रों का नियमित एवं बेहतर संचालन किया जाए ताकि लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि एंबुलेंस सेवा का और विस्तार हो जिससे मरीजों को निर्धारित समय में एंबुलेंस सुविधा का लाभ मिल सके।
बैठक में स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय, मुख्य सचिव दीपक कुमार, स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार, बिहार चिकित्सा सेवाएं एवं आधारभूत संरचना कारपोरेशन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक प्रदीप कुमार झा, राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक मनोज कुमार सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद थे।
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