हैदराबाद, 21 मई भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष के टी रामा राव ने बुधवार को आरोप लगाया कि कालेश्वरम सिंचाई परियोजना की जांच कर रहे न्यायिक आयोग द्वारा पार्टी अध्यक्ष के चंद्रशेखर राव (केसीआर) को जारी किया गया नोटिस कांग्रेस सरकार की ‘ध्यान भटकाने की तरकीब’ है।
नालगोंडा में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के विधायक और ठेकेदार खुद मौजूदा सरकार में ‘20 से 30 प्रतिशत’ कमीशन की बात कर रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि केसीआर को जारी किया गया नोटिस भ्रष्टाचार के इन दावों से जनता का ध्यान हटाने का एक प्रयास है।
सरकार पर तीखा हमला करते हुए केसीआर के बेटे रामा राव ने कहा कि कांग्रेस सरकार फरवरी में आंशिक रूप से ध्वस्त एसएलबीसी सुरंग में फंसे श्रमिकों के शवों को निकालने में विफल रही है, साथ ही परियोजना से संबंधित अन्य दुर्घटनाएं भी हुई हैं।
उन्होंने यह भी दावा किया कि कांग्रेस और भाजपा मिलकर कालेश्वरम परियोजना को ‘विफल’ बताने का काम कर रही हैं।
रामा राव ने कहा कि बीआरएस को न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और केसीआर के खिलाफ आरोप टिक नहीं पाएंगे।
उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी कांग्रेस सरकार को उसके चुनावी वादों के लिए जवाबदेह ठहराना जारी रखेगी।
कालेश्वरम परियोजना में कथित अनियमितताओं की जांच कर रहे न्यायिक आयोग ने बीआरएस अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव को अपनी जांच के तहत पेश होने के लिए बुलाया है।
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