नयी दिल्ली, 25 अप्रैल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के पूर्व अध्यक्ष के. कस्तूरीरंगन की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने भारत की वैज्ञानिक और शैक्षिक यात्रा में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
वर्ष 1994 से 2003 तक इसरो के अध्यक्ष रहे कस्तूरीरंगन का शुक्रवार को सुबह बेंगलुरु स्थित उनके आवास पर निधन हो गया। वह 84 वर्ष के थे।
प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘भारत की वैज्ञानिक और शैक्षिक यात्रा में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले डॉ. के. कस्तूरीरंगन के निधन से मुझे गहरा दुख हुआ है। उनके दूरदर्शी नेतृत्व और राष्ट्र के प्रति निस्वार्थ योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा।’’
प्रधानमंत्री ने कहा कि कस्तूरीरंगन ने इसरो में बहुत लगन से काम किया और भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम को नयी ऊंचाइयों पर पहुंचाया जिसकी वजह से अंतरिक्ष के क्षेत्र में देश को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिली।
मोदी ने कहा, ‘‘उनके नेतृत्व में महत्वाकांक्षी उपग्रह प्रक्षेपित हुए और नवाचार पर ध्यान केंद्रित किया गया।’’
प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) का मसौदा तैयार करने में डॉ. कस्तूरीरंगन के प्रयासों तथा शिक्षा को अधिक समग्र एवं दूरदर्शी बनाने की उनकी कोशिशों को लेकर राष्ट्र हमेशा उनका आभारी रहेगा।
कस्तूरीरंगन एनईपी की मसौदा समिति के अध्यक्ष थे।
मोदी ने कहा कि कस्तूरीरंगन कई युवा वैज्ञानिकों और शोधार्थियों के लिए एक उत्कृष्ट मार्गदर्शक भी थे।
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘मेरी संवेदनाएं उनके परिवार, छात्रों, वैज्ञानिकों और अनगिनत प्रशंसकों के साथ हैं। ओम शांति।’’
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