देश की खबरें | कर्नाटक के मंत्री सुधाकर पर अत्याचार निवारण अधिनियम में मामला दर्ज, भाजपा ने मांगा इस्तीफा

बेंगलुरु, 12 सितंबर कर्नाटक के मंत्री डी. सुधाकर और तीन अन्य के खिलाफ यहां पुलिस ने एक महिला की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया है, जिसमें संपत्ति विवाद को लेकर पीड़िता और उनके परिवार के साथ बदसलूकी और उनकी बेटी पर हमले का आरोप लगाया गया है। पुलिस अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने कहा कि पीड़िता और उनका परिवार विवादित संपत्ति पर रहता है, जो येलहंका पुलिस थानाक्षेत्र अंतर्गत आती है।

मंत्री और उनके सहयोगियों पर पीड़िता एवं उनके परिवार को जबरदस्ती बेदखल करने की कोशिश करने का आरोप लगाया गया है, जबकि संपत्ति विवाद का मामला अदालत में लंबित है।

पुलिस के मुताबिक, योजना एवं सांख्यिकी मंत्री सुधाकर के खिलाफ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण अधिनियम) 1989 और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

सोशल मीडिया पर एक वीडियो प्रसारित हो रहा है, जिसमें मंत्री को कुछ लोगों को कथित तौर पर अपशब्द कहते और उन्हें धमकी देते सुना जा सकता है।

दस सितंबर को दर्ज की गई प्राथमिकी में पीड़िता ने आरोप लगाया है कि शनिवार को मंत्री कुछ रियल एस्टेट डेवलपर्स और अन्य लोगों के साथ येलहंका स्थित विवादित संपत्ति पर पहुंचे, जब घर पर कोई नहीं था।

आरोप है कि मंत्री 35-40 लोगों के साथ आये और विवादित संपत्ति में घुस गए।

प्राथमिकी में आरोप लगाया गया कि आरोपी पक्ष ने जेसीबी का प्रयोग कर विवादित संपत्ति पर बनी बिल्डिंग और चारदीवारी को गिराने की कोशिश की। पीड़िता और उनके परिवार को घटना के बारे में पता चला तो वे मौके पर पहुंचे।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि परिवार के सदस्यों ने जब आपत्ति की तो उनके खिलाफ जातिसूचक टिप्पणियां की गईं।

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि आरोपियों ने उनकी बेटी और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मारपीट की।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘‘प्राप्त शिकायत के आधार पर, हमने प्राथमिकी दर्ज कर ली है। सभी आरोपों पर गौर किया जा रहा है और मामले की जांच की जा रही है।’’

बताया जाता है कि घटना के बाद सुधाकर ने मुख्यमंत्री सिद्धरमैया और गृहमंत्री जी. परमेश्वर से मुलाकात की और मामले पर चर्चा की।

मंत्री ने कहा कि उनके खिलाफ मामला ‘‘अचानक’’ दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा, ‘‘यह पूरी तरह झूठे आरोप हैं।’’

सुधाकर ने कहा, ‘‘मेरे द्वारा किसी जाति को गाली देने का कोई सवाल ही नहीं है। मेरे खिलाफ साजिश रची गई है, क्योंकि मैं अब मंत्री हूं। मैं किसी भी जांच के लिए तैयार हूं।’’

इस बीच, भाजपा नेता और पूर्व मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने सुधाकर के इस्तीफे की मांग की।

उन्होंने पुलिस से किसी भी दबाव के आगे न झुकने और इसे किसी भी सामान्य मामले की तरह निपटने का आग्रह किया है।

आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने इसे झूठा मामला बताया और सुधाकर के इस्तीफे की संभावना से इनकार किया।

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