बेंगलुरु, 29 नवंबर बेंगलुरु के स्थान पर हैदराबाद के आईटी शहर बनने की क्षमता के बारे में सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) क्षेत्र की दिग्गज हस्ती टी वी मोहनदास पई की टिप्पणी पर आपत्ति जताते हुए कर्नाटक के मंत्री प्रियंक खरगे ने कहा कि राज्य विरोधी बातें करना कुछ लोगों की आदत हो गई है।
कर्नाटक के सूचना प्रौद्योगिकी एवं जैव प्रौद्योगिकी मंत्री प्रियंक खरगे ने बुधवार को कहा कि कर्नाटक सरकार से बातचीत करने वाली एक भी कंपनी ने राज्य नहीं छोड़ा है।
मुख्यमंत्री सिद्धरमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को टैग करते हुए पई ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "क्या हैदराबाद बेंगलुरु का आईटी दर्जा खत्म कर देगा?
पिछले 10 वर्षों से बेंगलुरु की लगातार सरकारों द्वारा उपेक्षा के कारण यह हुआ है। उम्मीद है कि सरकार नगर को बेहतर बनाने के लिए अधिक ताकत लगाएगी।"
उनका यह पोस्ट उस दिन सामने आया, जब यहां 'बेंगलुरु टेक समिट’ (बीटीएस) का आयोजन किया जा रहा है। राज्य सरकार इस वार्षिक वैश्विक तकनीकी कार्यक्रम का आयोजन कर रही है।
खरगे ने कहा, "मुझे लगता है कि मोहनदास पई या किसी अन्य को जानकारी नहीं है। कर्नाटक सरकार के साथ बातचीत की मेज पर आने वाली एक भी कंपनी ने कर्नाटक नहीं छोड़ा है। कर्नाटक विरोधी बातें करना कुछ लोगों की आदत हो गई है।"
खरगे ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, "क्या अमेजॉन यहां नहीं है? क्या अन्य कंपनियां यहां नहीं हैं? बताएं कि कौन सी कंपनी बेंगलुरु से चली गई है? कुछ कंपनियां बेंगलुरु के साथ ही मुंबई और हैदराबाद में भी निवेश करती हैं। वह एक भी ऐसी कंपनी बताएं जो बातचीत या हमारे साथ समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद चली गई हो।"
उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं मालूम है कि क्या यह बयान राजनीति से प्रेरित है ‘‘लेकिन ऐसा बार-बार करना उचित नहीं है।"
उद्यम के लिए पूंजी मुहैया कराने वाले पई का जिक्र करते हुए खरगे ने उनसे सवाल किया कि क्या वह सब कुछ बेंगलुरु में निवेश कर रहे हैं।
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