देश की खबरें | कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने बजट को ‘हलाल’ कहने पर भाजपा की आलोचना की
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने राज्य के बजट को ‘‘हलाल बजट’’ और ‘‘पाकिस्तान बजट’’ कहने के लिए विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की शुक्रवार को आलोचना की।
बेंगलुरु, सात मार्च कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने राज्य के बजट को ‘‘हलाल बजट’’ और ‘‘पाकिस्तान बजट’’ कहने के लिए विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की शुक्रवार को आलोचना की।
भाजपा ने बजट को ‘‘तुष्टीकरण’’ करार दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा का बयान उसकी ‘‘वीभत्स मानसिकता’’ को दर्शाता है।
भाजपा ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर टोपी पहने हुए सिद्धरमैया की एक तस्वीर साझा करते हुए लिखा, ‘‘कर्नाटक में घोटालेबाज मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने हलाल बजट पेश किया - तुष्टीकरण अपने चरम पर!’’
मुख्यमंत्री ने अपना 16वां बजट पेश करने के बाद पत्रकारों से कहा कि अल्पसंख्यकों का मतलब सिर्फ मुसलमान नहीं है और इस श्रेणी में बौद्ध, जैन, सिख एवं ईसाई भी हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ईसाइयों के लिए भी 250 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।
सिद्धरमैया ने कहा, ‘‘बजट का आकार 4.09 लाख करोड़ रुपये है और अगर हम अल्पसंख्यकों को 4,500 करोड़ रुपये देते हैं तो भाजपा इसे ‘हलाल बजट’ कहती है। उनका बयान उनकी वीभत्स मानसिकता को दर्शाता है।’’
जब एक पत्रकार ने उनसे अन्य पिछड़ी जातियों (ओबीसी) के लिए आवंटन के बारे में सवाल किया जो कि कुल आबादी का 56 प्रतिशत हैं, तो सिद्धरमैया ने कहा कि उनके लिए 4,300 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति उप-योजना और जनजातीय उप-योजना (एससीएसपी-टीएसपी) के लिए 42,018 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘हमने एससीएसपी-टीएसपी के लिए बड़ी राशि का आवंटन किया है।...’’
उन्होंने आरोप लगाया कि कर्नाटक में भाजपा नेताओं में यह कहने का साहस नहीं है कि केंद्र सरकार को कर्नाटक द्वारा एससीएसपी-टीएसपी लागू किए जाने के तरीके को अपनाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘लेकिन वे हमें यह बताने आते हैं कि हम मुसलमानों को पैसे दे रहे हैं। हमसे सवाल करने का उनका क्या नैतिक अधिकार है?’’
उन्होंने कहा कि भाजपा ने कर्नाटक के बजट को ‘‘हलाल बजट’’ और ‘‘पाकिस्तान बजट’’ कहकर धर्मनिरपेक्षता का अनादर किया है।
सिद्धरमैया ने कहा, ‘‘यह सभी समुदायों का देश है, जो भाजपा को पता होना चाहिए।’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने जो बजट पेश किया है, उसमें दूरदर्शिता है और यह समानता, सामाजिक एवं आर्थिक विकास को ध्यान में रखकर बनाया गया बजट है। उन्होंने कहा कि वह राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन (एफआरबीएम) अधिनियम का पालन करते हैं।
उन्होंने कहा कि 2024-25 में बजट का आकार 3.71 लाख करोड़ रुपये था जो बढ़कर 4,09,549 करोड़ रुपये हो गया है और यह 38,166 करोड़ रुपये की वृद्धि है। उन्होंने कहा कि बजट की वृद्धि दर 10.3 प्रतिशत है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एफआरबीएम अधिनियम के अनुसार मजबूत राजकोषीय स्थिति के लिए उधार सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) के 25 प्रतिशत से कम होना चाहिए और कर्नाटक पर उधार 24.91 प्रतिशत है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2024-25 में राज्य ने पांच गारंटी के लिए 52,009 करोड़ रुपये निर्धारित किए थे, लेकिन अगले वित्त वर्ष में 51,034 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
इन पांच गारंटी में गृह ज्योति, गृह लक्ष्मी, अन्न भाग्य, युवा निधि और शक्ति योजनाएं शामिल हैं। ये गारंटी कांग्रेस सरकार द्वारा चुनाव से पहले किए गए पांच वादे हैं।
सिद्धरमैया ने कहा, ‘‘भाजपा ने कहा है कि पांच गारंटी लागू करने से राज्य दिवालिया हो जाएगा। क्या ऐसा हुआ? क्या उन्हें दिवालियापन का मतलब पता है?’’
उन्होंने कहा कि भाजपा अब दिल्ली, हरियाणा, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान में गारंटी के कर्नाटक मॉडल को दोहरा रही है।
इससे पहले, मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए बजट पेश करते हुए अल्पसंख्यकों के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की घोषणा की, जिसमें सादा विवाह समारोहों का समर्थन करने के लिए 50,000 रुपये और मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक कॉलोनी विकास कार्यक्रम के तहत 1,000 करोड़ रुपये शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘आर्थिक रूप से पिछड़े अल्पसंख्यक समुदायों में सादगीपूर्ण विवाह को बढ़ावा देने के लिए ऐसे सामूहिक विवाह आयोजित करने वाले गैर सरकारी संगठनों को प्रति जोड़े 50,000 रुपये की राशि प्रदान की जाएगी।’’
उन्होंने कहा कि 250 ‘मौलाना आजाद मॉडल इंग्लिश मीडियम स्कूल’ में चरणबद्ध तरीके से ‘प्री-प्राइमरी’ से पीयू (पूर्व विश्वविद्यालय) कक्षाएं शुरू की जाएंगी जिसकी कुल लागत 500 करोड़ रुपये होगी।
सिद्धरमैया ने कहा कि शिक्षा विभाग द्वारा प्रबंधित सबसे अधिक पंजीकरण वाले 100 उर्दू माध्यम विद्यालयों को मजबूत किया जाएगा और उन्हें आवश्यक सुविधाएं प्रदान करने के लिए कुल 400 करोड़ रुपये की उन्नयन योजना के तहत इस वर्ष 100 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक कॉलोनी विकास कार्यक्रम के तहत 1,000 करोड़ रुपये की कार्ययोजना तैयार की गई है।’’
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