देश की खबरें | न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा का स्थानांतरण का आदेश पूर्णतया अमान्य: बार एसोसिएशन
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा का इलाहाबाद उच्च न्यायालय स्थानांतरण के खिलाफ मंगलवार को अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने वाले हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने कहा कि उनके तबादले का आदेश एसोसिएशन को पूर्णतया अमान्य है।
प्रयागराज, 25 मार्च दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा का इलाहाबाद उच्च न्यायालय स्थानांतरण के खिलाफ मंगलवार को अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने वाले हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने कहा कि उनके तबादले का आदेश एसोसिएशन को पूर्णतया अमान्य है।
एसोसिएशन ने एक बयान जारी कर कहा, ‘‘भ्रष्टाचार का सामना कर रहे किसी न्यायाधीश को उसके पैतृक न्यायालय में भेजने का फैसला उन्हें पुरस्कृत करने जैसा है न कि दंड देने जैसा।’’
हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के कुछ पदाधिकारी मंगलवार को आंदोलन में सम्मिलित नहीं दिखाई दिए। इस पर आम सभा ने कड़ा विरोध दर्ज किया और उन सभी पदाधिकारियों को चेतावनी दी कि यदि 26 मार्च को सुबह नौ बजे वे पुनः अनुपस्थित दिखे तो उनके विरुद्ध निष्कासन जैसी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उधर, लखनऊ स्थित अवध बार एसोसिएशन के महासचिव मनोज कुमार द्विवेदी ने एक विज्ञप्ति में कहा कि उनके एसोसिएशन के अध्यक्ष ने पूरे भारत के उच्च न्यायालयों के 22 बार एसोसिएशनों के अध्यक्षों के साथ इस मुद्दे पर चर्चा की और उन्हें सूचित किया कि इस मुद्दे पर जल्द ही केंद्र सरकार और प्रधान न्यायाधीश से बातचीत की जाएगी।
इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की तर्ज पर अवध बार एसोसिएशन ने 28 मार्च को न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया है और उच्चतम न्यायालय से न्यायमूर्ति वर्मा के स्थानांतरण के संबंध में की गई सिफारिश पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है।
इससे पूर्व दिन में उच्च न्यायालय के गेट नंबर तीन पर एकत्रित हड़ताली अधिवक्ताओं का नेतृत्व कर रहे हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल तिवारी ने पत्रकारों से कहा, “यह विरोध किसी न्यायालय या न्यायाधीश के खिलाफ नहीं, बल्कि उनके खिलाफ है जिन्होंने न्यायालय की व्यवस्था को धोखा दिया है।”
उन्होंने कहा, “हमारी लड़ाई भ्रष्टाचार में लिप्त लोगों और उस व्यवस्था के खिलाफ है जो पारदर्शी नहीं है। फिलहाल हमारी मांग स्थानांतरण के आदेश पर पुनर्विचार करने उसे वापस लेने की है।”
राजेंद्र
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