देश की खबरें | न्यायाधीश ने सटर्लिंग बायोटेक के मालिकों के खिलाफ बैंक धोखाधड़ी मामले की सुनवाई से खुद को अलग किया
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 21 सितंबर गुजरात स्थित स्टर्लिंग बायोटेक समूह के मालिकों और अन्य के खिलाफ 8100 करोड़ रुपये के बैंक कर्ज धोखाधड़ी मामले की सुनवाई कर रहे एक अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सोमवार को इस मामले से यह कहते हुए अलग हो गये कि एक पक्ष ने उनसे संपर्क किया था।

न्यायाधीश धर्मेंद्र राणा ने कहा कि वह “स्तब्ध” थे कि उनके एक सहपाठी ने एक आरोपी की तरफ से उनसे संपर्क किया था। उन्होंने इस घटना को “दुर्भाग्यपूर्ण” करार दिया।

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उन्होंने स्टर्लिंग बायोटेक से संबंधित सभी मामले जिला न्यायाधीश को भेज दिये हैं जो संभवत: इन मामलों को किसी और न्यायाधीश को सौंपेंगे।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की तरफ से पेश हुए अतिरिक्त सॉलीसीटर जनरल एस वी राजू और ईडी के विशेष अभियोजक नीतेश राणा को बताया, “मेरी इस मामले को आगे बढ़ाने की इच्छा नहीं है। यह बेहद शर्मिंदा करने वाला है और मैं इस मामले से खुद को अलग कर रहा हूं तथा मामले को जिला न्यायाधीश के सामने रख रहा हूं। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि पूरे मामले की सुनवाई के बाद मुझे इससे अलग होना पड़ रहा है…।”

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न्यायाधीश को प्रवर्तन निदेशालय द्वारा दायर उस आवेदन पर आदेश पारित करना था जिसमें नए कानून के तहत कंपनी के मालिकों को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित करने की मांग की गई थी।

ईडी ने भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम की धारा चार के तहत नितिन संदेसरा, चेतन संदेसरा, दीप्ति संदेसरा और हितेश पटेल को भगोड़ा घोषित करने के लिये अदालत में याचिका दायर की थी।

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