देश की खबरें | झारखंड: पलामू में चीतलों के लिए ‘सॉफ्ट-रिलीज सेंटर’ बनाए जाएंगे

रांची, नौ जुलाई शिकारी जानवरों के लिए शिकार की उपलब्धता को बढ़ावा देने के प्रयास के तहत झारखंड के पलामू टाइगर रिजर्व (पीटीआर) में चीतलों के लिए चार ‘सॉफ्ट-रिलीज सेंटर’ निर्माणाधीन हैं। एक वन अधिकारी ने यह जानकारी दी।

अधिकारी ने बताया कि पांचवां सेंटर कभी माओवादियों का गढ़ रहे बूढ़ा पहाड़ इलाके में स्थापित करने की प्रक्रिया में है। उन्होंने बताया कि चीतलों को अभयारण्य के बेतला क्षेत्र से ‘सॉफ्ट-रिलीज सेंटर’ में स्थानांतरित किया जाएगा और इस पहल से बाघों को पीटीआर में वापस लाने की उम्मीद है।

‘सॉफ्ट रिलीज सेंटर’ वे होते हैं जहां जानवरों को उस स्थान के करीब रखा जाता है, जहां उन्हें छोड़ा जाएगा।

तीन साल से अधिक समय के बाद मार्च 2023 में पीटीआर में एक बाघ देखा गया था। राज्य वन विभाग ने राज्य की राजधानी रांची से लगभग 150 किमी दूर लातेहार और गढ़वा जिलों से लगे बूढ़ा पहाड़ की तलहटी पर घास के मैदान विकसित करने और चेक डैम बनाने का भी निर्णय लिया है।

कुटकू रेंज में बूढ़ा पहाड़ की तलहटी लंबे समय से झारखंड और छत्तीसगढ़ के बीच बाघों का गलियारा रही है। एक अधिकारी ने बताया कि घास के मैदान के विकास और ‘सॉफ्ट-रिलीज सेंटर’ तथा चेक डैम के निर्माण से इस क्षेत्र में भविष्य में बाघों की आवाजाही की आवृत्ति बढ़ सकती है, जो छत्तीसगढ़ में गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान (जीजीएनपी) के करीब है।

उन्होंने कहा कि जीजीएनपी झारखंड और मध्य प्रदेश को जोड़ता है तथा मध्य प्रदेश के बांधवगढ़ और झारखंड के पीटीआर के बीच बाघों को आने-जाने के लिए एक गलियारा प्रदान करता है।

पीटीआर (उत्तर) के उप निदेशक प्रजेश जेना ने ‘पीटीआई-’ को बताया, ‘‘राष्ट्रीय बाघ रिजर्व प्राधिकरण (एनटीसीए) ने हमारे प्रस्तावों को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। हमने हाल में बूढ़ा पहाड़ की तलहटी में सॉफ्ट-रिलीज सेंटर, घास के मैदान के विकास और चेक डैम के लिए एनटीसीए को कोष की मांग सौंपी है।’’

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)