UK Visa Fee Hike: स्टडी, वर्क और विजिट वीजा अब होंगे महंगे; भारतीय आवेदकों की जेब पर पड़ेगा सीधा असर
यूनाइटेड किंगडम के होम ऑफिस ने 8 अप्रैल 2026 से विभिन्न श्रेणियों के वीजा शुल्क में 6% से 9% तक की बढ़ोतरी लागू कर दी है. इस फैसले से ब्रिटेन जाने की योजना बना रहे भारतीय छात्रों और पेशेवरों का खर्च बढ़ जाएगा.
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लंदन/नई दिल्ली: यूनाइटेड किंगडम (United Kingdom) यानी यूके (UK) जाने की इच्छा रखने वाले भारतीयों के लिए एक महत्वपूर्ण अपडेट है, क्योंकि अब यूके जाने वाले भारतीय आवेदकों की जेब पर सीधा असर पड़ने वाला है. दरअसल, ब्रिटेन (Britain) के होम ऑफिस ने बुधवार, 8 अप्रैल 2026 से नई वीजा शुल्क संरचना (Revised Visa Fee Structure) लागू कर दी है. अधिकांश इमिग्रेशन श्रेणियों में फीस में लगभग 6% से 9% तक की वृद्धि की गई है. इस बदलाव का सबसे ज्यादा असर उन भारतीय यात्रियों, छात्रों और कुशल पेशेवरों पर पड़ेगा जो यूके में काम करने या पढ़ाई करने की योजना बना रहे हैं. यह भी पढ़ें: US H-1B Visa Fee Hike: अमेरिका ने बढ़ाई H-1B वीजा प्रीमियम प्रोसेसिंग फीस; जानें नए रेट्स और कब से लागू होंगे नियम
विजिट वीजा की नई दरें
नई संरचना के तहत, 6 महीने तक के शॉर्ट-टर्म विजिट वीजा के लिए अब 135 पाउंड (लगभग ₹14,000 से अधिक) देने होंगे. लंबी अवधि के वीजा शुल्कों में भी महत्वपूर्ण वृद्धि हुई है:
- 2 साल का विजिट वीजा: 506 पाउंड
- 5 साल का विजिट वीजा: 903 पाउंड
- 10 साल का विजिट वीजा: 1,128 पाउंड
छात्रों और कुशल श्रमिकों के लिए बढ़ी लागत
भारतीय छात्र, जो अंतरराष्ट्रीय छात्रों के सबसे बड़े समूहों में से एक हैं, उनके लिए स्टडी वीजा की लागत अब बढ़कर 558 पाउंड हो गई है. इसके अलावा, तीन साल तक के स्किल्ड वर्कर वीजा के लिए अब 819 पाउंड चुकाने होंगे. यदि कोई पेशेवर यूके के भीतर से वीजा एक्सटेंशन (विस्तार) के लिए आवेदन करता है, तो उसे 943 पाउंड की फीस देनी होगी. यह भी पढ़ें: Middle East Crisis: कतर ने पाकिस्तानी नागरिकों के लिए 'वीजा-ऑन-अराइवल' सुविधा को अस्थायी तौर पर किया निलंबित
UK वीज़ा शुल्क में बढ़ोतरी
UK visa costs are changing from 8 April 2026. We are making improvements to deliver a more streamlined, digital immigration system and the global increase in visa fees will help ensure we continue to offer customers a strong, secure and efficient visa service. pic.twitter.com/X6DgMaXO3C
— UK in India🇬🇧🇮🇳 (@UKinIndia) April 8, 2026
डिजिटलीकरण की ओर ब्रिटिश सरकार के कदम
यूके होम ऑफिस के अनुसार, फीस में यह बढ़ोतरी इमिग्रेशन प्रणाली के आधुनिकीकरण और डिजिटलीकरण के प्रयासों का हिस्सा है. सरकार पूरी तरह से डिजिटल बॉर्डर सिस्टम की ओर बढ़ रही है ताकि सुरक्षा और दक्षता में सुधार किया जा सके. इसके अलावा, इलेक्ट्रॉनिक ट्रैवल ऑथराइजेशन (ETA) की फीस भी 16 पाउंड से बढ़ाकर 20 पाउंड कर दी गई है. हालांकि भारतीय नागरिकों को वर्तमान में ईटीए के बजाय वीजा की आवश्यकता होती है, लेकिन यह बदलाव भविष्य की डिजिटल इमिग्रेशन रणनीति का संकेत है.
भारतीय आवेदकों पर क्या होगा प्रभाव?
इमिग्रेशन विशेषज्ञों का मानना है कि फीस में वृद्धि, ट्यूशन फीस और रहने के खर्च के साथ मिलकर भारतीय आवेदकों के बजट को प्रभावित कर सकती है. हालांकि, यूके में नौकरियों और उच्च शिक्षा की मांग अभी भी मजबूत बनी हुई है, लेकिन आवेदन की शुरुआती लागत बढ़ने से कुछ छात्र और पेशेवर अपने फैसलों पर पुनर्विचार कर सकते हैं.
भारत अभी भी यूके के लिए कुशल प्रवासियों और छात्रों का एक प्रमुख स्रोत बना हुआ है. हाल के वर्षों में 'पोस्ट-स्टडी वर्क' (PSW) जैसे अवसरों ने भारतीयों के बीच ब्रिटेन के आकर्षण को बढ़ाया है, लेकिन नई फीस वृद्धि इस प्रवाह को वित्तीय रूप से थोड़ा चुनौतीपूर्ण बना सकती है.
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 09, 2026 10:13 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

