ताजा खबरें | जया बच्चन ने शौचालयों की सफाई करने वाले कर्मचारियों के लिए रोजगार के वैकल्पिक उपाय की मांग उठाई
Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. राज्यसभा में बुधवार को कुछ सदस्यों ने सार्वजनिक शौचालयों की सफाई के लिए सैप्टिक टैंकों में उतरने से कर्मचारियों की मौत की घटनाओं पर चिंता जताई और सरकार से ऐसे कर्मियों के पुनर्वास और रोजगार के वैकल्पिक उपाय करने की मांग की।
नयी दिल्ली, छह अप्रैल राज्यसभा में बुधवार को कुछ सदस्यों ने सार्वजनिक शौचालयों की सफाई के लिए सैप्टिक टैंकों में उतरने से कर्मचारियों की मौत की घटनाओं पर चिंता जताई और सरकार से ऐसे कर्मियों के पुनर्वास और रोजगार के वैकल्पिक उपाय करने की मांग की।
उच्च सदन में शून्यकाल के दौरान इस मुद्दे को उठाते हुए समाजवादी पार्टी की जया बच्चन ने मुंबई के कांदिवली में सार्वजनिक शौचालय की सफाई करने गए तीन सफाई कर्मचारियों की सेप्टिक टैंक में गिरने से दम घुटकर हुई मौत के मामले का हवाला दिया।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं इस सदन में चौथी बार इस प्रकार का मामला उठा रही हूं। कुछ दिन पहले की घटना है। जहां कुछ लोग फंस गए और उन्हें बचाने गए लोग भी सुरक्षित नहीं लौट सके। इस बारे में सरकार की तरफ से कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है।’’
सफाई कर्मचारियों के राष्ट्रीय आयोग के आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि सीवेज लाइन और सैप्टिक टैंकों की सफाई के दौरान पिछले दो सालों में 1,470 लोगों की मौत हुई है जबकि ऐसी घटनाओं में हर दो दिनों में एक सफाईकर्मी की मौत होती है।
उन्होंने कहा, ‘‘वास्तव में यह शर्म की बात है। पुनर्वास कार्यक्रम ना होने और बेरोजगारी की वजह से यह स्थिति है।’’
उन्होंने सरकार से ऐसे सफाई कर्मचारियों का पुनर्वास किए जाने और रोजगार के वैकल्पिक उपाय करने की मांग की।
द्रविड़ मुनेत्र कषगम के तिरुची शिवा ने मुंबई की घटना का उल्लेख किया और कहा कि इस संदर्भ में एक कानून भी है लेकिन उसका पालन नहीं होता है।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार से सफाई करने वाले कर्मियों के पास सुरक्षा का कोई मजबूत उपाय नहीं होता है और वे रस्सी कमर पर बांधकर सफाई करने उतर जाते हैं।
उन्होंने सफाई कर्मियों के लिए उपयुक्त उपकरण मुहैया कराने की और सफाई संबंधी नियमों का उल्लंघन करने वाले ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
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