श्रीनगर, 29 नवंबर श्रीनगर पुलिस ने बुधवार को बताया कि सोशल मीडिया पर कथित रूप से अपमानजनक वीडियो साझा करने के कारण पुलिस ने राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) के एक छात्र के खिलाफ समुदायों के बीच धार्मिक शत्रुता को बढ़ावा देने का मामला दर्ज किया है।
संस्थान के कई विद्यार्थियों ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए उनकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाते हुए शहर के निगीन इलाके में एनआईटी परिसर पर विरोध प्रदर्शन किया।
पुलिस के मुताबिक, छात्र के खिलाफ भारतीय दंड संहित (आईपीसी) की धाराओं 295ए (जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण कृत्य, किसी भी वर्ग के धर्म या धार्मिक विश्वासों का अपमान कर उनकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का इरादा), 153ए (धर्म के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देना) और 153 (जानबूझकर उकसाने और दंगा भड़काने के इरादे से) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
पुलिस ने बताया कि आरोपों में तीन साल तक की कैद का प्रावधान है।
श्रीनगर पुलिस ने बुधवार को 'एक्स' पर एक पोस्ट में बताया, ''श्रीनगर एनआईटी के एक छात्र द्वारा एक विशिष्ट समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली संवेदनशील सामग्री को अपलोड करने की घटना पर पुलिस ने संज्ञान लिया है। एनआईटी पदाधिकारियों से जानकारी प्राप्त होने के बाद निगीन थाने में आईपीसी के तहत मामला दर्ज किया गया है।''
कश्मीर के पुलिस महानिरीक्षक वी.के. बिर्दी ने मंगलवार देर शाम बताया कि पुलिस को एनआईटी रजिस्ट्रार की ओर से लिखित शिकायत प्राप्त हुई थी, जिसमें कानूनी कार्रवाई का आग्रह किया था।
अधिकारी ने बताया, ''हमने कानून की संबंधित धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई की है। मामले की जांच जारी है।''
उन्होंने बताया कि छात्र ने सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट की थी हालांकि वीडियो छात्र का नहीं था बल्कि उसने वीडियो यूट्यूब से लिया था।
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