देश की खबरें | जम्मू-कश्मीर: हिमनद झील के कारण आने वाली बाढ़ से निपटने के लिए 15 करोड़ रुपये के आवंटन का प्रस्ताव
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जम्मू, सात मार्च जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने हिमनद झील से किन्हीं वजहों से अचानक पानी छोड़े जाने के कारण उत्पन्न बाढ़ के खतरे पर नजर रखने और इससे निपटने की रणनीति बनाने के लिए शुक्रवार को 15 करोड़ रुपये के आवंटन का प्रस्ताव दिया।
अब्दुल्ला ने विधानसभा में अपने बजट भाषण में यह प्रस्ताव रखा, जिसमें हिमनद झील से किन्हीं वजहों से अचानक पानी छोड़े जाने के कारण बाढ़ और भूस्खलन के बढ़ते खतरों को स्वीकार किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार उन समुदायों और बुनियादी ढांचे की सुरक्षा के लिए सक्रिय कदम उठा रही है, जो हिमनद झील से किन्हीं वजहों से अचानक पानी छोड़े जाने के कारण आई बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित हो सकते हैं।
उन्होंने बताया कि ‘नेशनल लैंडस्लाइड रिस्क मिटिगेशन प्रोग्राम (एनएलआरएमपी)’ के तहत भूस्खलन के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्रों में स्थिरिकरण के लिए जोखिम मूल्यांकन, निगरानी और इंजीनियरिंग समाधान के वास्ते 15 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।
अब्दुल्ला ने कहा, “इन पहलों से आपदा से निपटने की क्षमता बढ़ेगी और जलवायु प्रभावों से बेहतर ढंग से लड़ने में सक्षम जम्मू-कश्मीर का निर्माण होगा।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थिरिकरण बढ़ाने के लिए हमारी सरकार 39 करोड़ रुपये का आपदा न्यूनीकरण कोष स्थापित कर रही है, जो रोकथाम, पूर्व चेतावनी प्रणालियों और तैयारियों के लिए पहला समर्पित कोष होगा।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उनकी सरकार इस साल तीन जुलाई से शुरू होने वाली वार्षिक अमरनाथ यात्रा का सुचारू एवं सुरक्षित संचालन सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
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