देश की खबरें | जामिया की कुलपति ने बेहतर रैंकिंग पाने का श्रेय बेहतर शिक्षा, अनुसंधान को दिया

नयी दिल्ली, पांच जून जामिया मिल्लिया इस्लामिया (जेएमआई) की कुलपति नजमा अख्तर ने विश्वविद्यालय के एनआईआरएफ रैकिंग में तीसरा स्थान प्राप्त करने का श्रेय शिक्षण और अनुसंधान के संबंध में जामिया को लेकर बनी बेहतर धारणा को दिया।

अख्तर ने सोमवार को कहा कि विश्वविद्यालय 2016 में एनआईआरएफ रैकिंग में 83वें स्थान पर था और 2022 में इसने तीसरा स्थान हासिल किया।

केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री राजकुमार रंजन सिंह ने सोमवार को शिक्षा मंत्रालय की नेशनल इंस्टीट्यूट रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ)-2023 की घोषणा की।

एनआईआरएफ के आठवें संस्करण में जेएमआई को ‘विश्वविद्यालय’ श्रेणी में तीसरा स्थान बरकरार रखा। जामिया ने 2021 में छठां स्थान हासिल किया था। समग्र श्रेणी में विश्वविद्यालय ने 12वां स्थान हासिल किया।

अख्तर ने कहा, “ मुझे बहुत खुशी है कि जामिया एक बार फिर देश के शीर्ष तीन विश्वविद्यालयों में शामिल हुआ है। हम विश्वविद्यालय में शिक्षण, सीखने और अनुसंधान की गुणवत्ता में सुधार के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। एनआईआरएफ रैंकिंग में हम 2016 में 83वीं रैंक से आगे बढ़कर 2022 में तीसरी रैंक पर पहुंचे हैं और इस वर्ष भी हमने इसे बरकरार रखा है।”

कुलपति ने उम्मीद जतायी कि आने वाले वर्षों में विश्वविद्यालय सभी मानकों पर अपने प्रदर्शन में और सुधार करेगा।

उन्होंने कहा कि यह उल्लेखनीय उपलब्धि विश्वविद्यालय के समर्पित संकाय द्वारा उच्चतम गुणवत्ता और शिक्षण के प्रासंगिक, गंभीर शोध और विश्वविद्यालय के गैर-शिक्षण कर्मचारियों द्वारा की गई कड़ी मेहनत के कारण ही संभव हो पाई है।

कुलपति ने इस उपलब्धि का श्रेय शिक्षण, प्लेसमेंट, अनुसंधान आदि के संबंध में बेहतर धारणा को भी दिया।

उन्होंने कहा कि आज विश्वविद्यालय छात्रों की प्राथमिक पसंद वाले संस्थानों में से एक बन गया है और यह आवेदनों की संख्या में वृद्धि का एक कारण है।

अख्तर ने कहा, “ आने वाले वर्षों में हम और बेहतर करने की उम्मीद करते हैं।”

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