देश की खबरें | जगन सरकार को अमरावती में ज़मीन बेचने का अधिकार नहीं : चंद्रबाबू नायडू

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. तेलुगु देशम पार्टी के प्रमुख एन चंद्रबाबू नायडू ने सोमवार को कहा कि जगन मोहन रेड्डी सरकार अमरावती में ज़मीन बेचने की कोशिश कैसे कर सकती है, जबकि उसने राजधानी के विकास के लिए पिछले तीन वर्षों में एक ईंट भी नहीं रखी है।

अमरावती, 27 जून तेलुगु देशम पार्टी के प्रमुख एन चंद्रबाबू नायडू ने सोमवार को कहा कि जगन मोहन रेड्डी सरकार अमरावती में ज़मीन बेचने की कोशिश कैसे कर सकती है, जबकि उसने राजधानी के विकास के लिए पिछले तीन वर्षों में एक ईंट भी नहीं रखी है।

विपक्ष के नेता ने प्रदेश की राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण के सरकारी कर्मचारियों के लिए बनाए गए आवासीय टावरों को निजी संस्थाओं को पट्टे पर देने के फैसले को भी गलत ठहराया।

चंद्रबाबू ने प्रश्न किया, “जगन को अमरावती में ज़मीन बेचने का क्या अधिकार है, जबकि उन्होंने राजधानी के विकास के लिए एक भी ईंट नहीं रखी है? जब वाईएसआर कांग्रेस के नेताओं ने अमरावती को 'समसानम' (श्मशान) करार दिया तो सरकार को दस करोड़ रुपये प्रति एकड़ मिलने की उम्मीद कैसे है?

तेलुगु देशम रणनीति समिति की एक बैठक को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि जगन शासन को राजधानी के निर्माण के लिए किसानों द्वारा दी गई भूमि को बेंचने का कोई अधिकार नहीं है।

उन्होंने अमरावती में आवासीय टावरों को पट्टे पर देने के सीआरडीए के फैसले की भी आलोचना की, जो वास्तव में राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए बनाया गया था।

उन्होंने कहा, “हमारी सरकार द्वारा 70 प्रतिशत से अधिक विकास कार्य पूरा किए जाने के बाद, जगन सरकार ने तीन साल के लिए टावरों को ऐसे ही छोड़ दिया था। इसके अलावा ये फ्लैट सरकारी कर्मचारियों के लिए हैं। सरकार उन्हें निजी लोगों को कैसे पट्टे पर दे सकती है?”

गौरतलब है कि सीआरडीए ने राजधानी में विकास कार्यों को शुरू करने के लिए करीब 2,500 करोड़ रुपये जुटाने के एवज में अमरावती में 248.30 एकड़ जमीन की नीलामी करने का फैसला किया है।

नीलामी जुलाई में होने की उम्मीद है।

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