जरुरी जानकारी | जैक्सन इंजीनियर्स सौर विनिर्माण कारोबार के विस्तार में 2,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. ऊर्जा और बुनियादी ढांचा क्षेत्र के जैक्सन समूह की इकाई जैक्सन इंजीनियर्स लि. (जेईएल) सौर विनिर्माण कारोबार के विस्तार के लिए लगभग 2,000 करोड़ रुपये के निवेश की योजना बना रही है। इस परियोजना के पूरा होने से लगभग 1,200 नौकरियां सृजित होने का अनुमान है।
नयी दिल्ली, चार सितंबर ऊर्जा और बुनियादी ढांचा क्षेत्र के जैक्सन समूह की इकाई जैक्सन इंजीनियर्स लि. (जेईएल) सौर विनिर्माण कारोबार के विस्तार के लिए लगभग 2,000 करोड़ रुपये के निवेश की योजना बना रही है। इस परियोजना के पूरा होने से लगभग 1,200 नौकरियां सृजित होने का अनुमान है।
जैक्सन इंजीनियर्स लि. (जेईएल) ने बुधवार को कहा कि वह अपने सौर विनिर्माण कारोबार का विस्तार करेगी। इसके तहत, कंपनी 2,500 मेगावाट का सौर सेल विनिर्माण संयंत्र स्थापित करने के लिए लगभग 2,000 करोड़ रुपये का निवेश करने की योजना बना रही है। इसे दो चरणों में विकसित किया जाएगा। साथ ही कंपनी अपने मौजूदा सौर मॉड्यूल विनिर्माण संयंत्र को 2,000 मेगावाट तक विस्तारित कर रही है।
अपनी विनिर्माण क्षमताओं में वृद्धि करके, जैक्सन का लक्ष्य बढ़ते ग्राहक आधार को बेहतर सेवा प्रदान करना और नवीकरणीय ऊर्जा की ओर वैश्विक बदलाव में सार्थक योगदान देना है।
जैक्सन समूह के वाइस चेयरमैन और प्रबंध निदेशक संदीप गुप्ता ने बयान में कहा, ‘‘यह विस्तार न केवल बाजार में हमारी स्थिति को मजबूत करेगा बल्कि जैक्सन की उल्लेखनीय वृद्धि और पर्यावरण अनुकूल पहल के प्रति दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को भी आगे बढ़ाएगा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमारी कंपनी सौर विनिर्माण क्षेत्र में लगातार नई ऊंचाइयों को छू रही है। यह कदम पूरी तरह से एकीकृत सौर समाधान प्रदाता बनने की हमारी प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है।’’
सौर सेल संयंत्र का पहला चरण अगले 15 महीनों के भीतर चालू होने, जबकि मॉड्यूल संयंत्र का विस्तार छह महीने के भीतर पूरा होने की उम्मीद है।
कंपनी के अनुसार, इस विस्तार योजना के पूरा होने से 1,200 नई नौकरियां सृजित होने की उम्मीद है।
बयान में कहा गया है कि यह महत्वपूर्ण निवेश भारत में स्वच्छ ऊर्जा विकास को लेकर जेईएल की प्रतिबद्धता के अनुरूप है। देश में वर्तमान में सौर सेल विनिर्माण क्षमता केवल सात गीगावाट (एक गीगावाट बराबर 1,000 मेगावाट) है। ऐसे में जैक्सन की विस्तार योजना आयात और घरेलू उत्पादन के बीच अंतर को पाटने में मदद करेगी।
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