देश की खबरें | अगले 10 वर्ष में वैश्विक अंतरिक्ष बाजार में 10 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल करना आसान नहीं: सोमनाथ
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हैदराबाद, चार अप्रैल भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के पूर्व प्रमुख एस सोमनाथ ने शुक्रवार को कहा कि अगले 10 वर्षों में अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था का 10 प्रतिशत (50 अरब अमेरिकी डॉलर) हासिल करने का भारत का महत्वाकांक्षी लक्ष्य आसान नहीं है।
उन्होंने यहां इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस (आईएसबी) के दीक्षांत समारोह के दौरान अपने संबोधन में यह भी कहा कि एक हालिया अध्ययन से पता चला है कि इसरो को पिछले 60 वर्षों में खर्च किये गए प्रत्येक रुपये पर 2.54 रुपये का ‘रिटर्न’ मिला है।
उन्होंने कहा, ‘‘इससे हमें उम्मीद जगी है कि भारत में भी एक बहुत जीवंत अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था विकसित करना संभव है। वैश्विक अंतरिक्ष बाजार में कम से कम 10 प्रतिशत (50 अरब अमेरिकी डॉलर की हिस्सेदारी) तक पहुंचने की संभावना है, लेकिन यह हमारे लिए कहीं से भी आसान काम नहीं है, क्योंकि इस क्षेत्र में ज्ञान बहुत जटिल है और यह वर्षों के अनुभव से आता है।’’
सोमनाथ ने कहा कि रॉकेट और संबंधित इंजीनियरिंग की जटिलता अब भी वैसी ही है और जो कंपनियां निवेश करना चाहती हैं, उनके लिए विफलता की संभावना अब भी बनी हुई है।
उन्होंने कहा कि भारत में, वर्तमान में अंतरिक्ष क्षेत्र में 250 स्टार्टअप काम कर रहे हैं।
सोमनाथ ने कहा कि 60-70 प्रतिशत राजस्व अंतरिक्ष अनुप्रयोग के क्षेत्र से आता है, लगभग 20 प्रतिशत उपग्रहों के निर्माण और संचालन से तथा लगभग 15 प्रतिशत रॉकेट और आवश्यक प्रक्षेपण अवसंरचना के निर्माण से आता है।
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