देश की खबरें | 50 विधायक और 50 रुपये में कोई संबंध है क्या? : राकांपा

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मुंबई, छह जुलाई राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 50 रुपये की बढ़ोतरी को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए बुधवार को कहा कि महाराष्ट्र में एमवीए सरकार को गिराने के लिए खर्च की गयी धन राशि को आम नागरिकों से वसूला जा रहा है।

केंद्र सरकार ने घरेलू रसोई गैस के दाम में बुधवार को 50 रुपये प्रति सिलेंडर की वृद्धि की। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऊर्जा की कीमतें ऊंचाई पर पहुंचने के बीच यह मई से एलपीजी सिलेंडर कीमतों में तीसरी वृद्धि है।

राकांपा के मुख्य प्रवक्ता महेश तापसे ने बुधवार को एक बयान में कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं है कि महाराष्ट्र सरकार को गिराने पर खर्च की गई राशि रसोई गैस की कीमतों में बढ़ोतरी के जरिए आम लोगों से वसूली जा रही है।

महेश तापसे ने कहा कि एक तरफ महा विकास आघाड़ी के 50 विधायक बगावत करते हैं और दूसरी तरफ महाराष्ट्र में सत्ता संभालने के तुरंत बाद केंद्र की भाजपा नीत सरकार ने रसोई गैस सिलेंडर के दाम 50 रुपये बढ़ा दिए हैं।

तापसे ने कहा, ‘‘एमवीए के 50 बागी विधायकों को पहले सूरत ले जाया गया। उसके बाद उन्हें गुवाहाटी ले जाया गया और फिर गोवा में उन्हें पांच सितारा होटलों में ठहराया गया। इस पूरे अभियान के लिए जिम्मेदार ताकतों ने एक बड़ी राशि खर्च की होगी और देश के आम नागरिक को आश्चर्य होगा कि क्या एलपीजी की कीमतों में बढ़ोतरी का इससे कोई लेना-देना नहीं है।’’

राकांपा नेता ने कहा कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने एक दिन पहले ही पेट्रोल और डीजल पर कर कम करने का वादा किया था और बुधवार को जब भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़ाए तो लोग हैरान रह गए।

उन्होंने सवाल करते हुए कहा, ‘‘ 50 विधायक और एलपीजी सिलेंडर में 50 रुपये की वृद्धि, क्या इनका आपस में कोई संबंध है ?’’

दरअसल, पिछले महीने शिव सेना के विधायक एकनाथ शिंदे ने राज्य में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली महा विकास आघाड़ी (एमवीए) सरकार के खिलाफ बगावत कर दी थी और पार्टी के कई विधायक उनके पाले में आ गए थे। इसके परिणामस्वरूप एमवीए सरकार गिर गयी थी।

एकनाथ शिंदे ने 30 जून को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी जबकि भाजपा के देवेंद्र फडणवीस राज्य के उपमुख्यमंत्री बने थे।

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