जरुरी जानकारी | आईओसी ने पानीपत में भारत की सबसे बड़ी हरित हाइड्रोजन परियोजना को अंतिम रूप दिया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. सार्वजनिक क्षेत्र की इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) ने हरियाणा में अपनी पानीपत रिफाइनरी और पेट्रोरसायन परिसर में 10,000 टन प्रति वर्ष हरित हाइड्रोजन उत्पादन इकाई स्थापित करने के लिए हाइड्रोजन की पूरे जीवनकाल में हाइड्रोजन उत्पादन की औसत लागत (एलसीओएच) को अंतिम रूप दे दिया है। इससे भारत की स्वच्छ ऊर्जा महत्वाकांक्षाओं को बढ़ावा मिलेगा।
नयी दिल्ली, एक जून सार्वजनिक क्षेत्र की इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) ने हरियाणा में अपनी पानीपत रिफाइनरी और पेट्रोरसायन परिसर में 10,000 टन प्रति वर्ष हरित हाइड्रोजन उत्पादन इकाई स्थापित करने के लिए हाइड्रोजन की पूरे जीवनकाल में हाइड्रोजन उत्पादन की औसत लागत (एलसीओएच) को अंतिम रूप दे दिया है। इससे भारत की स्वच्छ ऊर्जा महत्वाकांक्षाओं को बढ़ावा मिलेगा।
कंपनी ने बयान में कहा, “इसके साथ ही भारत की अब तक की सबसे बड़ी हरित हाइड्रोजन परियोजना के साथ हरित हाइड्रोजन क्षेत्र में आईओसी ने प्रवेश किया है।”
हालांकि, आईओसी ने लागत और अन्य वित्तीय विवरण नहीं दिए। कंपनी ने कहा, “दिसंबर, 2027 तक चालू होने के लिए निर्धारित, यह रिफाइनरी परिचालन में जीवाश्म-आधारित हाइड्रोजन की जगह लेगी, जिसके परिणामस्वरूप कार्बन उत्सर्जन में पर्याप्त कमी आएगी।”
हाइड्रोजन एक ऐसा ईंधन है जिसका उपयोग तेल रिफाइनरियों से लेकर इस्पात संयंत्र तक के उद्योग में व्यापक रूप से किया जाता है और यह कार, ट्रक, ट्रेन, जहाज और यहां तक कि औद्योगिक प्रक्रियाओं को भी शक्ति प्रदान कर सकता है।
इसे विभिन्न स्रोतों से उत्पादित किया जा सकता है। हरित हाइड्रोजन एक हाइड्रोजन गैस है जो सौर, पवन या पन-बिजली जैसे नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों का उपयोग करके पानी को विभाजित करके बनाई जाती है। जलने पर, यह केवल पानी ही बनाती है।
आईओसी ने कहा कि पानीपत परियोजना राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के लिए सरकार के दृष्टिकोण के साथ पूरी तरह से मेल खाती है और कंपनी के कार्बन उत्सर्जन शून्य करने के खाके के तहत एक रणनीतिक पहल है।
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