जरुरी जानकारी | भारत में जनवरी-सितंबर में निवेश बैंकिंग शुल्क 23 प्रतिशत घटकर 66.84 करोड़ डॉलर पर: रिपोर्ट
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. देश में इस साल के पहले नौ महीनों में कुल निवेश बैंकिंग शुल्क 23 प्रतिशत गिरकर 66.84 करोड़ डॉलर रह गया। यह वर्ष 2016 के बाद सबसे कम है। बाजार विश्लेषकों ने यह जानकारी दी।
मुंबई, 12 अक्टूबर देश में इस साल के पहले नौ महीनों में कुल निवेश बैंकिंग शुल्क 23 प्रतिशत गिरकर 66.84 करोड़ डॉलर रह गया। यह वर्ष 2016 के बाद सबसे कम है। बाजार विश्लेषकों ने यह जानकारी दी।
रिफिनिटिव के आंकड़ों के अनुसार, निवेश बैंकरों द्वारा एकत्र किए गए कुल शुल्क में से इक्विटी पूंजी बाजार शुल्क 46.4 प्रतिशत कम होकर 13.84 करोड़ डॉलर रह गया।
रिफिनिटिव लंदन स्टॉक एक्सचेंज समूह की इकाई (एलएसईजी) है। यह वित्तीय बाजार आंकड़ों के उपलब्ध कराने वाली दुनिया की सबसे बड़ी इकाइयों में से है।
हालांकि, ऋण पूंजी बाजार गतिविधियों से शुल्क बेहतर रहा। यह एक साल पहले की तुलना में 10.1 प्रतिशत घटकर 12.8 करोड़ डॉलर रहा।
पूर्ण एमएंडए सलाहकार शुल्क सालाना 17.8 प्रतिशत गिरकर 25.21 करोड़ डॉलर रह गया, जबकि ऋण को एक साथ ‘जोड़ने’ का शुल्क साल के पहले नौ महीनों में 6.2 प्रतिशत घटकर 14.99 करोड़ डॉलर पर आ गया।
इस अवधि में भारत ने 2008 के बाद पहली बार निजी इक्विटी (पीई) समर्थित अधिग्रहणों में चीन को पीछे छोड़ दिया।
रिफिनिटिव ने एक रिपोर्ट में कहा कि मूल्य के आधार पर, भारत ने एशिया प्रशांत क्षेत्र के पीई-समर्थित अधिग्रहणों में 28 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी पर कब्जा कर लिया। जबकि चीन ने 24 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल की। वर्ष 2008 के बाद यह पहली बार है जब एशिया प्रशांत क्षेत्र की पीई-समर्थित विलय एवं अधिग्रहण गतिविधियों में भारत ने चीन की तुलना में बड़ी बाजार हिस्सेदारी हासिल की है।
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