देश की खबरें | आईएनएस संध्ययाक ने समुद्री सर्वेक्षण सहयोग को बढ़ावा देने के लिए मलेशियाई बंदरगाह का दौरा किया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. देश में ही डिजाइन और निर्मित पहला हाइड्रोग्राफिक सर्वेक्षण जहाज आईएनएस संध्ययाक अंतरराष्ट्रीय सद्भावना को बढ़ावा देने और ‘महासागर’ दृष्टिकोण के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए मलेशिया के पोर्ट क्लैंग का दौरा कर रहा है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।
नयी दिल्ली, 19 जुलाई देश में ही डिजाइन और निर्मित पहला हाइड्रोग्राफिक सर्वेक्षण जहाज आईएनएस संध्ययाक अंतरराष्ट्रीय सद्भावना को बढ़ावा देने और ‘महासागर’ दृष्टिकोण के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए मलेशिया के पोर्ट क्लैंग का दौरा कर रहा है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि भारत क्षेत्रीय सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक और समग्र उन्नति या ‘महासागर’ दृष्टिकोण के जरिये क्षेत्रीय समुद्री सहयोग को बढ़ावा देना चाहता है।
भारतीय नौसेना के देश में ही डिजाइन और निर्मित भारत का सबसे बड़ा सर्वेक्षण पोत आईएनएस संध्ययाक ने 16-19 जुलाई तक हाइड्रोग्राफिक सहयोग के लिए मलेशिया के पोर्ट क्लैंग में पहली बार लंगर डाला।
भारतीय नौसेना के प्रवक्ता ने बताया कि यह यात्रा भारतीय नौसेना जल सर्वेक्षण विभाग (आईएनएचडी) और राष्ट्रीय जल सर्वेक्षण कार्यालय ढांचे के तहत क्षेत्रीय जल सर्वेक्षण क्षमता निर्माण में भारत की बढ़ती भूमिका को दर्शाती है।
उन्होंने कहा कि आईएनएस संध्ययाक, संध्ययाक श्रेणी का हाइड्रोग्राफिक सर्वेक्षण जहाज है और इसे फरवरी 2024 में नौसेना की सेवा में शामिल किया गया था।
अधिकारियों ने बताया कि जहाज में तटीय और गहरे पानी का पूर्ण सर्वेक्षण करने, समुद्र विज्ञान संबंधी डेटा एकत्र करने की क्षमता है तथा यह हेलीकॉप्टर और अस्पताल कार्यों के साथ खोज और बचाव (एसएआर) और मानवीय कार्यों को करने में भी सक्षम है।
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