भारत का डब्ल्यूटीओ के तहत विकासशील, अल्पविकसित देशों में ब्रांडबैंड ढांचे, डिजिटल कौशल बढ़ाने पर जोर

डब्ल्यूटीओ सामान्य परिषद की पिछले सपताह कोविड-19 व्यापार संबंधी उपायों को लेकर हुई विशेष वर्चुअल बैठक में भारत ने कहा कि विकसित और विकासशील देशों के बीच डिजिटल क्षेत्र में बड़ा अंतर है। भारत ने कहा कि दुनिया की करीब आधी आबादी की तीव्र गति के ब्राडबैंड तक पहुंच नहीं है। इन देशों की आनलाइन प्लेटफार्म तक भी पहुंच नहीं है। टेलि- चिकित्सा का क्षेत्र हो या फिर दूरस्थ शिक्षा अथवा ई- भुगतान ये देश इस तरह की सुविधा से एक तरह से वंचित हैं।

जमात

नयी दिल्ली, 19 मई भारत ने विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के तहत ई- वाणिज्य के क्षेत्र में बाध्यकारी नियमों पर बातचीत के बजाय विकासशील और अल्पविकसित देशों में डिजिटल कौशल और ब्रांडबैंड ढांचागत सुविधाओं के क्षेत्र में क्षमता निर्माण पर जोर दिये जाने की वकालत की है। भारत का कहना है कि कोरोना वायरस महामारी की वजह से डिजिटल अर्थव्यवस्था की तरफ दुनिया का झुकाव बढ़ा है।

डब्ल्यूटीओ सामान्य परिषद की पिछले सपताह कोविड-19 व्यापार संबंधी उपायों को लेकर हुई विशेष वर्चुअल बैठक में भारत ने कहा कि विकसित और विकासशील देशों के बीच डिजिटल क्षेत्र में बड़ा अंतर है। भारत ने कहा कि दुनिया की करीब आधी आबादी की तीव्र गति के ब्राडबैंड तक पहुंच नहीं है। इन देशों की आनलाइन प्लेटफार्म तक भी पहुंच नहीं है। टेलि- चिकित्सा का क्षेत्र हो या फिर दूरस्थ शिक्षा अथवा ई- भुगतान ये देश इस तरह की सुविधा से एक तरह से वंचित हैं।

धनी देश चाहते हैं कि भारत जैसे विकासशील देश डब्ल्यूटीओ के दायरे में ई- वाणिज्य के क्षेत्र में बाध्यकारी प्रतिबद्धता को लेकर बातचीत करें।

भारत ने कहा है कि डब्लयूटीओ के कुछ सदस्यों द्वारा मौजूदा अस्थाई संकट के बीच कुछ उत्पादों पर स्थायी रूप से सीमा शुल्क को कम करने की मांग करना मौजूदा संकट को अपने निर्यात के लिये बेहतर बाजार अवसरों में भुनाने के समान है।

भारत ने कहा है कि सदस्य देश कुछ चिकित्सा अथवा कृषि उत्पादों पर आयात शुल्क को शून्य करने के लिये स्वतंत्र हैं। देश स्वेच्छा से ऐसा कर सकते हैं यदि ये उत्पाद उनके स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा के उद्देश्यों को पूरा करते हैं तो वह इनपर आयात शुल्क घटा सकते हैं।

‘‘हमने 120 से अधिक देशों को महत्वपूर्ण चिकित्सा आपूर्ति निशुल्क भेजी है, कई देशों को भारतीय डॉक्टरों की टीमें भी भेजीं हैं।’’ भारत ने कहा है कि विकासशील देशों को चिकित्सा उत्पादों के क्षेत्र में अपनी विनिर्माण क्षमता को बढ़ाने के लिये शुल्क सुरक्षा की जरूरत होगी। ताकि वह अपने इस अपरिपक्व घरेलू उद्योग को आगे बढ़ा सकें।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, लेटेस्टली स्टाफ ने इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया है)

Share Now

संबंधित खबरें

India vs South Africa, T20 World Cup 2026 43rd Match Scorecard: अहमदाबाद में दक्षिण अफ्रीका ने टीम इंडिया 76 रनों से दी करारी शिकस्त, मार्को जानसन ने चटकाए 4 विकेट; यहां देखें IND बनाम SA मैच का स्कोरकार्ड

Zimbabwe vs West Indies T20 World Cup Stats: टी20 वर्ल्ड कप में एक दूसरे के खिलाफ कुछ ऐसा रहा है जिम्बाब्वे बनाम वेस्टइंडीज का प्रदर्शन, यहां देखें आंकड़े

India vs South Africa, T20 World Cup 2026 43rd Match Scorecard: अहमदाबाद में दक्षिण अफ्रीका ने टीम इंडिया के सामने रखा 188 रनों का लक्ष्य, डेविड मिलर ने खेली धमाकेदार पारी; यहां देखें पहली पारी का स्कोरकार्ड

Zimbabwe vs West Indies, T20 World Cup 2026 44th Match Date And Time: कब और कितने बजे से खेला जाएगा जिम्बाब्वे बनाम वेस्टइंडीज के बीच सुपर-8 का अहम मुकाबला? इस स्टेडियम में भिड़ेंगी दोनों टीमें, यहां जानें वेन्यू समेत मैच से जुड़ी सभी जानकारी

\