जरुरी जानकारी | इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन का सितंबर तिमाही का शुद्ध लाभ 98 प्रतिशत घटकर 180 करोड़ रुपये पर
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. सार्वजनिक क्षेत्र की इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (आईओसी) का चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में शुद्ध लाभ 98.6 प्रतिशत की भारी गिरावट के साथ 180.01 करोड़ रुपये पर आ गया। रिफाइनरी मार्जिन और विपणन मार्जिन घटने से कंपनी के मुनाफे में बड़ी गिरावट आई।
नयी दिल्ली, 28 अक्टूबर सार्वजनिक क्षेत्र की इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (आईओसी) का चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में शुद्ध लाभ 98.6 प्रतिशत की भारी गिरावट के साथ 180.01 करोड़ रुपये पर आ गया। रिफाइनरी मार्जिन और विपणन मार्जिन घटने से कंपनी के मुनाफे में बड़ी गिरावट आई।
आईओसी ने सोमवार को शेयर बाजार को जुलाई-सितंबर, 2024 तिमाही के वित्तीय नतीजों की सूचना दी। एक साल पहले की समान तिमाही में सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम विपणन कंपनी को 12,967.32 करोड़ रुपये का लाभ हुआ था।
चालू वित्त वर्ष की सितंबर तिमाही में आईओसी को एकल आधार पर 180.01 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ है जो अप्रैल-जून तिमाही के 2,643.18 करोड़ रुपये लाभ की तुलना में बड़ी गिरावट को दर्शाता है।
दरअसल, आईओसी के रिफाइनरी मार्जिन में गिरावट के साथ ही घरेलू रसोई गैस एलपीजी की लागत से कम दाम पर बिक्री से भी काफी नुकसान हुआ है। इसकी वजह से उसके शुद्ध लाभ में यह गिरावट आई है।
इसके साथ ही चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में आईओसी को एलपीजी की बिक्री पर 8,870.11 करोड़ रुपये का ‘नुकसान’ हुआ।
इसने कच्चे तेल को पेट्रोल और डीजल जैसे ईंधन में बदलने पर 4.08 अमेरिकी डॉलर अर्जित किए जबकि पिछले साल की समान अवधि में 13.12 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल का सकल रिफाइनिंग मार्जिन अर्जित किया था।
आईओसी की ईंधन खुदरा कारोबार से कर-पूर्व आय घटकर सिर्फ 10.03 करोड़ रुपये रह गई जो जुलाई-सितंबर 2023 में 17,7555.95 करोड़ रुपये थी।
अंतरराष्ट्रीय तेल की कीमतों में नरमी के कारण कंपनी का परिचालन राजस्व बीती तिमाही में घटकर 1.95 लाख करोड़ रुपये रह गया जो पिछले साल की समान अवधि में 2.02 लाख करोड़ रुपये था।
आईओसी के अलावा अन्य सार्वजनिक ईंधन खुदरा विक्रेता कंपनियों- हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) और भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) ने भी पिछले साल लागत में गिरावट के बावजूद पेट्रोल और डीजल की कीमतों को स्थिर रखकर काफी मुनाफा कमाया था।
हालांकि, इस साल आम चुनावों की घोषणा से ठीक पहले पेट्रोल और डीजल की कीमतों में दो-दो रुपये प्रति लीटर की कटौती के साथ मूल्य स्थिर रखने से होने वाला लाभ खत्म हो गया।
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