विदेश की खबरें | ह्यूस्टन में भारतीय-अमेरिकी नागरिकों ने पहलगाम हमले के पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. अमेरिका के ह्यूस्टन में सैकड़ों भारतीय-अमेरिकी नागरिक पहलगाम आतंकवादी हमले के पीड़ितों को श्रद्धांजलि देने के लिए इकट्ठा हुए और हिंदुओं के खिलाफ लक्षित हमलों को रोकने के खातिर कड़े कदम उठाने का आह्वान किया।

श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

ह्यूस्टन, 27 अप्रैल अमेरिका के ह्यूस्टन में सैकड़ों भारतीय-अमेरिकी नागरिक पहलगाम आतंकवादी हमले के पीड़ितों को श्रद्धांजलि देने के लिए इकट्ठा हुए और हिंदुओं के खिलाफ लक्षित हमलों को रोकने के खातिर कड़े कदम उठाने का आह्वान किया।

उत्तरी अमेरिका के प्रमुख शहरों में भी श्रद्धांजलि सभाएं हुईं।

ह्यूस्टन में श्रद्धांजलि सभा की शुरुआत भारत और अमेरिका के राष्ट्रगान से हुई, इसके बाद एक हिंदू पुजारी ने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए मंत्र पढ़े। सभा में छोटे बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल हुए।

श्रद्धांजलि सभा में शामिल हुए लोगों ने शोक प्रकट करने के लिए सफेद रंग के कपड़े पहने हुए थे और उन्होंने अपने हाथों में ‘‘निर्दोष लोगों की हत्या बंद करो’’, ‘‘भारतीय अमेरिकी आतंकवाद के खिलाफ’’, ‘‘कश्मीर पीड़ितों के लिए न्याय’’ आदि लिखे बोर्ड पकड़े हुए थे।

सुगरलैंड मेमोरियल पार्क में ‘‘भारत माता की जय’’ के नारे गूंजे। श्रद्धांजलि सभा स्थल पर हमले में मारे गए मृतकों की तस्वीरें भी लगाई हुई थीं।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने हिंदुओं के खिलाफ लक्षित हमलों को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने का आह्वान किया।

एक वक्ता ने कहा, ‘‘कश्मीर हो या मुर्शिदाबाद, भारत को हिंदुओं की लक्षित हत्याओं को रोकने के लिए कड़ी कार्रवाई करने की जरूरत है।’’

एक अन्य वक्ता ने समुदाय से ‘‘निर्दोष हिंदुओं की इन हत्याओं के खिलाफ एकजुट होने’’ का आग्रह किया।

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार को आतंकवादी हमले में 26 लोग मारे गए, जिनमें अधिकांश पर्यटक थे। यह 2019 में पुलवामा हमले के बाद घाटी में सबसे घातक हमला था।

पाकिस्तान से संबद्ध प्रतिबंधित लश्कर-ए-तैयबा का एक अंग कहे जाने वाले ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ नामक समूह ने हमले की जम्मेदारी ली है।

राजनीतिक टिप्पणीकार और ह्यूस्टन कार्यक्रम की मेजबान सुनंदा वशिष्ठ ने कहा, ‘‘हम पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले में निर्दोष हिंदुओं की मौत पर शोक व्यक्त करते हैं। यह सिर्फ व्यक्तियों पर ही नहीं बल्कि मानवता, शांति और विश्वास के सिद्धांतों पर भी हमला था।’’

कनाडा के ओंटारियो में श्री भगवद् गीता पार्क, सिएटल में डेनी पार्क, कैलिफोर्निया के आर्टेसिया में पायनियर बुलेवार्ड, डलास में टेक्सास यूनिवर्सिटी और जॉर्जिया के अटलांटा सहित पूरे उत्तरी अमेरिका में इसी तरह के कार्यक्रम आयोजित किए गए।

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