देश की खबरें | दूध उत्पादन के मामले में पहले स्थान पर भारत; गेहूं और चावल से भी अधिक पैदावार: मोदी

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि भारत सालाना 8.5 लाख करोड़ रुपये की कीमत का दूध का उत्पादन करता है, जो गेहूं और चावल की पैदावार से अधिक है और छोटे किसान डेयरी क्षेत्र के सबसे बड़े लाभार्थी हैं।

बनासकांठा (गुजरात), 19 अप्रैल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि भारत सालाना 8.5 लाख करोड़ रुपये की कीमत का दूध का उत्पादन करता है, जो गेहूं और चावल की पैदावार से अधिक है और छोटे किसान डेयरी क्षेत्र के सबसे बड़े लाभार्थी हैं।

मोदी ने परोक्ष रूप से कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि एक पूर्व प्रधानमंत्री कहा करते थे कि दिल्ली से जारी होने के बाद एक रुपये में से केवल 15 पैसे (लाभार्थियों तक) पहुंचते हैं, लेकिन वह (मोदी) यह सुनिश्चित करते हैं कि पूरा 100 पैसा लाभार्थियों तक पहुंचे और किसानों के खाते में जमा किया जाये।

प्रधानमंत्री ने बनास डेयरी के एक नए परिसर और आलू प्रसंस्करण संयंत्र का उद्घाटन करने के बाद बनासकांठा जिले के दियोदर में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि सहकारी डेयरी छोटे किसानों, विशेषकर महिलाओं को सशक्त बनाती है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करती है।

मोदी ने कहा, ''आज, भारत दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक है। करोड़ों किसानों की आजीविका दूध पर निर्भर करती है। भारत सालाना 8.5 लाख करोड़ रुपये मूल्य का दूध उत्पादन करता है, जिस पर बड़े अर्थशास्त्रियों सहित कई लोग ध्यान नहीं देते हैं।''

उन्होंने कहा, ''गांवों की विकेन्द्रीकृत अर्थव्यवस्था प्रणाली इसका एक उदाहरण है। इसके विपरीत, गेहूं और चावल की पैदावार भी 8.5 लाख करोड़ रुपये दूध उत्पादन के बराबर नहीं है और छोटे किसान डेयरी क्षेत्र के सबसे बड़े लाभार्थी हैं।''

उन्होंने बनास डेयरी की कई अन्य परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।

मोदी ने कहा, ''दिल्ली जाने के बाद (2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद) मैंने देशभर के छोटे किसानों की जिम्मेदारी संभाली और आज मैं साल में तीन बार किसानों के बैंक खातों में 2,000 रुपये हस्तांतरित करता हूं।'' उन्होंने कहा कि बनास डेयरी के नए डेयरी परिसर और आलू प्रसंस्करण संयंत्र का उद्देश्य स्थानीय किसानों को सशक्त बनाना और क्षेत्र में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना है।

बनास डेयरी का नया परिसर और आलू प्रसंस्करण संयंत्र 600 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनाया गया है। इसका मकसद प्रतिदिन लगभग 30 लाख लीटर दूध का प्रसंस्करण, लगभग 80 टन मक्खन, एक लाख लीटर आइसक्रीम, 20 टन खोया और छह टन चॉकलेट का उत्पादन करना है।

आलू प्रसंस्करण संयंत्र में फ्रेंच फ्राइज़, आलू के चिप्स, आलू टिक्की आदि जैसे उत्पादों का उत्पादन किया जाएगा जिनमें से कई उत्पाद अन्य देशों को निर्यात किए जाएंगे।

प्रधानमंत्री ने बनास सामुदायिक रेडियो स्टेशन, पालनपुर में पनीर उत्पादों एवं मट्ठा पाउडर के उत्पादन के लिए विस्तारित सुविधाओं और दामा में स्थापित जैविक खाद एवं बायोगैस संयंत्र को भी राष्ट्र को समर्पित किया।

उन्होंने चार अलग-अलग स्थानों पर स्थापित होने वाले 100 टन क्षमता के चार गोबर गैस संयंत्रों की आधारशिला भी रखी।

मोदी अपने गृह राज्य गुजरात के तीन दिवसीय दौरे पर हैं, जिसकी शुरुआत उन्होंने सोमवार को गांधीनगर में ‘विद्या समीक्षा केंद्र’ अथवा स्कूलों के लिए कमान एवं नियंत्रण केन्द्र के दौरे के साथ की थी।

मंगलवार को मोदी जामनगर में डब्ल्यूएचओ वैश्विक पारंपरिक औषधि केंद्र की आधारशिला रखेंगे। प्रधानमंत्री 20 अप्रैल को गांधीनगर में वैश्विक आयुष निवेश एवं नवाचार शिखर सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे और बाद में दाहोद में वह आदिजाति महा सम्मेलन में शामिल होंगे।

इसके अलावा वह विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे और आधारशिला रखेंगे।

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