खेल की खबरें | भारत की योजना मॉस्को से हटाये गये शतरंज ओलंपियाड की मेजबानी के लिये बोली लगाने की
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Sports at LatestLY हिन्दी. अखिल भारतीय शतरंज महासंघ (एआईसीएफ) ने शनिवार को कहा कि वह इस साल के अंत में होने वाले शतरंज ओलंपियाड के 44वें चरण की मेजबानी के लिये बोली लगायेगा क्योंकि यूक्रेन पर हमले के बाद इसे रूस से हटा दिया गया था।
चेन्नई, 26 फरवरी अखिल भारतीय शतरंज महासंघ (एआईसीएफ) ने शनिवार को कहा कि वह इस साल के अंत में होने वाले शतरंज ओलंपियाड के 44वें चरण की मेजबानी के लिये बोली लगायेगा क्योंकि यूक्रेन पर हमले के बाद इसे रूस से हटा दिया गया था।
एआईसीएफ सचिव भरत सिंह चौहान ने पीटीआई से कहा, ‘‘हां, हम इस साल शतरंज ओलंपियाड के लिये बोली लगा रहे हैं। टूर्नामेंट का बजट एक करोड़ डॉलर (करीब 75 करोड़ रूपये) होगा। ’’
शतरंज ओलंपियाड द्विवार्षिक टूर्नामेंट है जिसमें करीब 190 देशों की टीमें दो हफ्तों तक एक दूसरे के आमने सामने होती हैं। 2022 चरण का आयोजन 26 जुलाई से आठ अगस्त तक मॉस्को में होना था।
लेकिन शुक्रवार को फिडे (अंतरराष्ट्रीय शतरंज महासंघ) ने रूस से शतरंज ओलंपियाड और सभी अन्य आधिकारिक प्रतियोगितायें हटाने का फैसला किया क्योंकि उसने यूक्रेन पर हमला कर दिया है।
रूस से असक्षम लोगों के लिये पहले शतरंज ओलंपियाड और 93वीं फिडे कांग्रेस को भी हटा दिया गया।
फिडे ने कहा कि वह इन टूर्नामेंट के लिये वैकल्पिक तारीख और स्थल ढूंढने पर काम कर रहा है।
अगर भारत को ओलंपियाड की मेजबानी के लिये हरी झंडी मिल जाती है तो 2013 में विश्वनाथन आंनद और मैग्नस कार्लसन के बीच विश्व चैम्पियनशिप मैच के बाद देश का यह दूसरा बड़ा वैश्विक टूर्नामेंट होगा।
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