नागपुर, 15 अगस्त राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने सोमवार को कहा कि भारत को काफी संघर्ष के बाद आजादी मिली है और उसे आत्मनिर्भर बनने की आवश्यक है।
देश की आजादी की 75वीं सालगिरह पर महाराष्ट्र के नागपुर शहर में स्थित संघ मुख्यालय में राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद भागवत ने वहां आयोजित एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि भारत विश्व को शांति का संदेश देगा।
भागवत ने कहा कि लोगों को यह नहीं पूछना चाहिए कि देश और समाज उन्हें क्या देता है, बल्कि यह सोचना चाहिए कि वे देश को क्या दे रहे हैं।
उन्होंने कहा, “आज गर्व और संकल्प का दिन है। देश को बहुत संघर्ष के बाद आजादी मिली है। उसे आत्मनिर्भर बनने की आवश्यकता है। जो स्वतंत्र होना चाहते हैं,उन्हें प्रत्येक चीज में आत्मनिर्भर बनना होगा”
उन्होंने कहा कि संघ ने ‘देशभक्ति’ के बारे में जागरुकता पैदा करने तथा देश के लोगों में देशभक्ति की भावना जगाने की दिशा में काम किया है।
भागवत ने कहा,‘‘ आपको दुनिया के साथ संबंध बनाने की जरूरत है लेकिन अपनी शर्तों पर और उसके लिए आपको उस स्तर पर सक्षम होना होगा। जो स्वतंत्र होना चाहते हैं उन्हें अपनी सुरक्षा के संबंध में भी सक्षम होना होगा।’’
अपने संबोधन में भागवत ने कहा कि तिरंगा हमें बताता है कि देश कैसा होना चाहिए और जब वह दुनिया में बड़ा बनकर उभरेगा तब कैसा होगा।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में जब तक ऐसा राष्ट्र बन नहीं जाता लोगों को यह नहीं पूछना चाहिए कि देश और समाज उन्हें क्या दे रहे हैं,बल्कि सोचना चाहिए कि वे देश को क्या दे रहे हैं?
संघ मुख्यालय में कड़ी सुरक्षा के बीच आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में आरएसएस के कुछ स्वयंसेवक और प्रचारक मौजूद थे।
आरएसएस ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर रेशमबाग क्षेत्र स्थित डॉ. हेडगेवार स्मारक समिति में एक कार्यक्रम का आयोजन किया है, जिसमें नागपुर महानगर के सहसंघचालक श्रीधर गाडगे मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थिति रहेगी।
आरएसएस के स्वयंसेवक शाम पांच बजे शहर के विभिन्न हिस्सों में ‘पथ संचलन’ (मार्च पास्ट) भी करेंगे।
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