देश की खबरें | भारत ने ढाका द्वारा ‘हिंसक चरमपंथियों’ की रिहाई पर चिंता व्यक्त की

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. भारत ने शुक्रवार को बांग्लादेश द्वारा कुछ “हिंसक चरमपंथियों” को रिहा करने पर चिंता व्यक्त की और रेखांकित किया कि हिंदुओं व अन्य अल्पसंख्यकों के साथ-साथ उनके धार्मिक संस्थानों की सुरक्षा करना अंतरिम सरकार की जिम्मेदारी है।

नयी दिल्ली, सात मार्च भारत ने शुक्रवार को बांग्लादेश द्वारा कुछ “हिंसक चरमपंथियों” को रिहा करने पर चिंता व्यक्त की और रेखांकित किया कि हिंदुओं व अन्य अल्पसंख्यकों के साथ-साथ उनके धार्मिक संस्थानों की सुरक्षा करना अंतरिम सरकार की जिम्मेदारी है।

भारत ने कहा कि वह एक “स्थिर, शांतिपूर्ण, समावेशी और प्रगतिशील बांग्लादेश” का समर्थन करता है, जिसमें सभी मुद्दों का समाधान लोकतांत्रिक तरीकों से और समावेशी एवं भागीदारीपूर्ण चुनावों के माध्यम से किया जाएगा।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने स्वीकार किया कि बांग्लादेश में मौजूदा सुरक्षा स्थिति और लंबे समय से चले आ रहे स्थानीय मुद्दों ने उस देश में भारत द्वारा सहायता प्राप्त कुछ परियोजनाओं के कार्यान्वयन की गति को प्रभावित किया है।

उन्होंने कहा, “हम बिगड़ती कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर चिंतित हैं, जो गंभीर अपराधों के लिए सजा पाए हिंसक चरमपंथियों की रिहाई से और भी बदतर हो गई है।”

उन्होंने कहा कि भारत ने बार-बार इस बात पर जोर दिया है कि हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों के साथ-साथ उनकी संपत्तियों और धार्मिक संस्थानों की सुरक्षा करना अंतरिम सरकार की जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा, “हालांकि, 5 अगस्त 2024 से 16 फरवरी 2025 तक दर्ज 2374 से अधिक घटनाओं में से केवल 1254 घटनाओं की ही पुलिस द्वारा पुष्टि की गई है। इसके अलावा, इन 1254 घटनाओं में से 98 प्रतिशत को ‘राजनीतिक प्रकृति’ का माना गया।”

उन्होंने कहा, “हम उम्मीद करते हैं कि बांग्लादेश पूरी तरह से जांच करेगा और हत्या, आगजनी और हिंसा के सभी अपराधियों को बिना किसी भेदभाव के न्याय के कठघरे में लाएगा।”

अगस्त में बड़े पैमाने पर सरकार विरोधी प्रदर्शन के कारण अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना के ढाका से पलायन के बाद भारत-बांग्लादेश संबंधों में भारी गिरावट आई है।

मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार द्वारा उस देश में अल्पसंख्यकों, विशेषकर हिंदुओं पर हमलों को रोकने में विफल रहने के बाद दोनों देशों के बीच संबंधों में नाटकीय गिरावट आई।

एक प्रश्न के उत्तर में जायसवाल ने कहा कि बांग्लादेश के लोगों के साथ संबंधों के संदर्भ में विकास भारत के लिए प्राथमिकता वाला क्षेत्र है।

उन्होंने कहा, “हालिया सुरक्षा स्थिति और लंबे समय से चले आ रहे स्थानीय मुद्दों ने इनमें से कुछ परियोजनाओं के कार्यान्वयन की गति को प्रभावित किया है।”

उन्होंने कहा, “आधिकारिक चर्चा में परियोजना पोर्टफोलियो को युक्तिसंगत बनाने तथा समयबद्ध तरीके से पारस्परिक सहमति वाली परियोजनाओं को क्रियान्वित करने पर ध्यान केंद्रित किया गया।”

जायसवाल ने कहा, “बांग्लादेश की ओर से प्रतिबद्ध समर्थन और लंबित मंजूरी मिलने के अधीन, हम इन परियोजनाओं को आगे बढ़ाने की योजना बना रहे हैं।”

उन्होंने यह भी बताया कि भारत और बांग्लादेश के बीच गंगा जल संधि के कार्यान्वयन की निगरानी के लिए गठित संयुक्त समिति की 86वीं बैठक 6 मार्च को कोलकाता में हुई।

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